Tapsya

Bhachya, Tapsya

Jambu Kahyo Man Le

जम्बूकुमार की सज्झाय जम्बू ! कह्यो मान लै जाया, मत ले संजम भार ।  राजगृही नं वासिया जी, जम्बू नाम कुंवार ।  ऋषभदत्त रा डीकरा जी, भद्रा ज्यांरी माय ।।  जम्बू कह्यो…  सुधर्मा स्वामी पधारिया जी, राजगृही रे मांय ।  कोणक बांदण चालियो जी, जम्बू बांदण जाय ।। भगवन्त वाणी बागरी जी, बरसै इमरत धार […]

Bhachya, Tapsya

Koyaldi Ku Hu Kuhu Moriya Ji Bole(Chobisi)

चौबीसी  कोयलड़ी बोले कुहु — मोरिया जी बोले-2 उगते सूरज न करू वंदन महावीर जी,  म्हान भव भव सू तारो  पहला ऋषभ नाथ जिणजी ने बांदू  दूजा अजितनाथ देव ओ ,महावीर जी  म्हान, भव-२ सू तारो तीसरा संभवनाथ जिणजी ने बादूं चौथा अभिनंदन देव ओ महावीर जी म्हान, भव-२ सू तारो पाँचवा सुमति नाथ जिणजी

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