Jambu Kahyo Man Le
जम्बूकुमार की सज्झाय जम्बू ! कह्यो मान लै जाया, मत ले संजम भार । राजगृही नं वासिया जी, जम्बू नाम कुंवार । ऋषभदत्त रा डीकरा जी, भद्रा ज्यांरी माय ।। जम्बू कह्यो… सुधर्मा स्वामी पधारिया जी, राजगृही रे मांय । कोणक बांदण चालियो जी, जम्बू बांदण जाय ।। भगवन्त वाणी बागरी जी, बरसै इमरत धार […]