Tapsya

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Tapsya Ki Aayi Hai Bahar Ji Badhayi Hove

तपस्या की आई है बहार जी -2बधाई होवै जीवन का पाते वो ही सार-2बधाई होवै धन्य तपस्वी उत्तम प्राणी-2  तपस्या से करे भवपार -2 जी बधाई-2 होवे तपस्या के बारह भेद बताये-2  करले जो शक्ति अनुसार -2जी बधाई होवै कर्म खपाने का मार्ग तपस्या -2  महिमा है तप की अपरम्पार-2 जी बधाई होवे  तपस्या से […]

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Tapsya Ki Ye Bahar Kaisi Chhayi Hai

तपस्या की ये बहार, देखो केसी छाई है,  अट्ठाई की आज, इनको बधाई है  शासन माता आती है, भाव जगाती है,  तपसन को आज मां, शक्ति दे जाती है।  शासन माता  को जो ध्यावे मन वांछित फल वो ही पावै)-2  रूप अनुपम तेज निराला, मन को मेरे हरने वाला  शासन माता आती है- 2. धन्य

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Mhari Gori Si Hathelya Me Mehndi Rachi Mhara Marusa

तपस्या गीत मारी गोरी सी हथेलिया में मैहंदी राची ओ मारा मारूसा राची ओ मारा मारूसा, मै हाथ किया जोडूली मै वंदना किया करूली  उपवास करूँ तो मारो जीव घबरावे, बेला करूँ तो मारो जीव घबरावे, तेला री गेरी मन में आवे ओ मारा मारूसा आवे ओ मारा मारूसा मैं हाथ किया जोड़ुली, मैं वंदना

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Ek Do Tin Char, Tapsvi Ki Jay Jaykar

1,2,3,4 तपस्वी की जय जयकार ऐसी जय जयकार हर घर में होनी चाहिए। वीर, बीर, बीर महावीर होना चाहिए 5,6,7,8 तपस्वी का ठाठ बाट, ऐसा ठाट बाट हर घर में होना चाहिए, वीर, बीर वीर महावीर होना चाहिए 9,10,11, 12 तपस्या का बजे नगाड़ा  ऐसा नगाड़ा हर घर में बजना चाहिए,  वीर, वीर, वीर, महावीर

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Tapsi Ki Darshan De Gayi Re Ek Chotti Si Shasan

(लय- चलत मुसाफिर मोह लिया रे पिंजरे वाली मुनिया ) तपसी को दर्शन दे गयी रे एक छोटी सी शासन -2 तपसी ने पूछा देवी,नाम तेरा क्या है-2    चक्रेश्वरी  नाम बता गयी एक छोटी सी शासन-2  तपसी ने पूछा देवी गांव तेरा क्या है-2  शत्रुंजय नाम बता गयी, एक छोटी शासन   तपसी ने पूछा देवी

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Aaj Hamare Man Me Bahut Hi Khushiya Hai

( लय- आज हमारे दिल में अजब ये उलझन है) आज हमारे मन में बहुत ही खुशियां है।  सामने बैठी तपसण, ये स्वागत इनका है। फलां कुल में जन्मी, फलां कुल में पली  फलां कुल में ब्याही, परिवार की ये लाडली हो-2  राज की बात बताएँ, इनका अभिनंदन है।  सामने गर्मी में तपी, तप के

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Shasan Ma Se Milne Ka Tapsya Ka Bahana Hai

(तर्ज : बाबूल का ये घर) शासन मां से मिलने को तपस्या का बहाना है ।  ऊँचे-2 पर्वतों पर मेरी माता का ठिकाना है ।। गिरनार में ढूंढा तूझे, तो नेमीनाथ को पाया है।  गुजरात की पहाड़ियों में, मेरी शासन(माता) का ठिकाना है । सुरज में ढूंढा तो चंदा में पाया है ।  तारों के

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Sawan Ka Mahina Aaya

(लय- सावन का महीना) सावन का महीना आया तपस्या चारो ओर आज देख तपस्वी जोड़ी को हम है भावविभोर ① तपस्या की भावना तो कभी-2 आती नई नई चीजे खाने जीभ ललचाती  खाने पर भी लगती थे काया कमजोर ॥  ② तपस्या की महिमा भारी कहते है सारे  रोग शोक मिटते पल में तप के

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Dekhi Jo Tapsan Samne

(तर्ज – चुड़ी जो खनकी हाथ में) देखी जो तपसण सामने- 2 , याद तपस्या की आने लगी हाय धीरे-2 मेरे मन में -२ * मन करता है नौकारसी करु, मन करता है पौरसी करू देखु जो प्याली सामने, याद चाय की आने लगी,हाय धीरे-2 मेरे मन में -२ -मन करता है उपवास करु, मन

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Tapasya Karo Aur Tapasya Karao

(लय-झिलमिल सितारों का ) तपस्या करो और तपस्या कराओं।  तपस्या देवी से लोगा मान बढ़ाओ । दुखा रो दावानल तप रै नीर स्यू बुझाओ’ 1 ①  भूंडी भूख भुवाजी दिन में तारा सा दिखावे।  जीदोरों उल्टियां होवे मन घबरावे ।  इसी काची काया रो क्यू लाड लडावो !! अभी राशि कोदर तपसी संता नै सुमरलयो

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