Tradition (परम्परा)

देशभक्ति, जैन भजन और अन्य परंपरागत गीतों का संग्रह — सांस्कृतिक और सामुदायिक कार्यक्रमों के लिए। Songs by tradition — Deshbhakti, Jain Bhajan and other cultural categories.

Deshbhakti

Oh Desh Mere

यह सांस्कृतिक और परंपरागत गीत है। A cultural and traditional song. ओह देश मेरे, तेरी शानपे सदके कोई धन है क्या,  तेरी धूलसे बढके तेरी धूप से रौशन,  तेरी हवा पे जिंदा तू बाग है मेरा,  मैं तेरा परिंदा है अर्ज यह दीवाने की जहा भोर सुहानी देखी इक रोज वही मेरी शाम हो कभी […]

Jain Bhajan

Om Ka Anup Roop

यह सांस्कृतिक और परंपरागत गीत है। A cultural and traditional song. मंत्र नवकार है (लय : चुप-चुप खड़े हो……….) ॐ का अनूप रूप मंत्र नवकार है,  सर्व सिद्धिदायक जपो मंत्र नवकार है – २ १. णमो अरिहंताणं पद यह महान है,  सर्व सिद्धियों का मंगल प्रधान है।  मंत्राधिराज वीतरागता साकार है। सर्व सिद्धिदायक २. णमो

Jain Bhajan

Om Mangalam

यह सांस्कृतिक और परंपरागत गीत है। A cultural and traditional song. मंगल वाणी ओम मंगलं ओंकार मंगलं आदि मंगलं आदिनाथ मंगलं ओम मंगलं ओंकार मंगलं शांति मंगल शांतिनाथ मंगलं ओम मंगलं ओंकार मंगलं वीर मंगलं महावीर मंगलं ओम मंगलं ओंकार मंगल नमो मंगलं सिद्धिनाम मंगलं ओम मंगलं ओंकार मंगलं साधु मंगलं साधुनाम मंगलं ओम मंगलं

Jain Bhajan

Parmeshti Stavan

यह सांस्कृतिक और परंपरागत गीत है। A cultural and traditional song. परमेष्ठी स्तवन (लय- नीले घोड़े रा असवार) मंगल महामंत्र नवकार, ऋद्धि सिद्धि का भंडार । भक्ति रस से गावो रे, सिद्धि पथ अपनावो रे । परमेष्ठी पंचक में पहला, अरिहंतों का नाम । तीर्थंकर पद किया सुशोभित, सफल हुए सब काम । चारों तीर्थ

Jain Bhajan, Paryushan

Parv Paryushan Aaya

यह सांस्कृतिक और परंपरागत गीत है। A cultural and traditional song. पर्युषण पर्व  (लय-कजरा मोहब्बत वाला) महावीर ने पथ दिखलाया, पर्व पर्युषण आया  जैनियों की है पहचान, करने कमाई धर्मध्यान   समता के  फूल खिले है, अन्तर्मन दीप जले है   रोशन है सारा जहान, करले कमाई धर्म ध्यान  महावीर ने पथ दिखलाया—-  सत्य अहिंसा करुणा

Jain Bhajan, Paryushan

Paryushan Parv Aaya Hai

यह सांस्कृतिक और परंपरागत गीत है। A cultural and traditional song. पर्युषण पर्व आया है, अनोखा रंग, छायाा है   आत्म चिंतन    आत्म उत्थान  का संदेश लाया है। ① सु सौरस फैली है तप की ये देखोआज कण कण में दैष को धो दिया मनसे  समता स्रोत बहाया है ② ये पावन पर्व आया हूँ

Jain Bhajan, Paryushan

Paryushan Parv Aaya,

यह सांस्कृतिक और परंपरागत गीत है। A cultural and traditional song. पर्युषण पर्व आया, इन्तजार करते करते।  श्रद्धा का रंग लाया, उत्साह भरते भरते ॥ १. अनमोल है यह अवसर, अब धर्म साधना का।  उड़ जाए मोह निद्रा, नवकार जपते जपते ॥ २. सामायिकें तपस्या, स्वाध्याय लीनता हो।  आत्मा में हो सरलता, जिनवाणी सुनते सुनते

Jain Bhajan, Paryushan

Paryushan Parv Hariday Me Ullas Bhar Raha

यह सांस्कृतिक और परंपरागत गीत है। A cultural and traditional song. पर्व पर्युषण हृदय उल्लास भर रहा। जागरण का जागरण का, अनवरत आह्वान कर रहा। २. जन्म मृत्यु अनन्त अब तक हो गए चेतन । और होते ही रहेंगे, ज्ञान कर चेतन ! मोह का मोह का, है उदय जिससे चक्र चल रहा ॥ २.

Jain Bhajan, Paryushan

Paryushan Yah Parv Mahan,

यह सांस्कृतिक और परंपरागत गीत है। A cultural and traditional song. (तर्ज : मेहंदी रची थारै) पर्युषण यह पर्व महान्, करते हम दिल से सम्मान।  छाई अजब बहार हो, हर घर घर में। १. चौरासी के चक्कर में, हम सबने जन्म किए कितने ।  जन्म मरण की परम्परा में, सहन वेदना की हमने।  अब तो

Batisi, Bhat, Mamera, Mayra

Pawan Mangal Bela Aayi Mayra Geet

यह सांस्कृतिक और परंपरागत गीत है। A cultural and traditional song. (लय- मैने पायल है खनकाई ) पावन मंगल बेला आई, घरमें बाज रही शहनाई -२  पावन मगल बेला आई-3 आसी बाबुल को परिवार ,भरने मायरो घणो जोरदार – 2  कदे से मैं बाट निहारु ,रोज अंगना ने बुहारू साचे दिल से पुकारू होआजा आआआ,

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