Prat Uth Parmeshti Vandan Karu Sada Nishkam- (Somlataji)
यह सांस्कृतिक और परंपरागत गीत है। A cultural and traditional song. प्रातः स्मरणीय गीत रचयिता शासन श्री साध्वी सोमलता जी लयः कितना बदल गया प्रातः उठ परमेष्ठी वंदन करूं सदा निष्काम शांति रहेगी आठों याम ।। सदा।। ऋषभ अजित संभव अभिनंदन, सुमति पद्म प्रभु पाप निकंदन। नाथ सुपार्श्व चंद्रप्रभु सुविधि, शीतल प्रभु से चाहूं सिध्यि। […]