Mangal Bhavna
मंगल भावना श्री सम्पन्नोऽहं स्याम् मैं आभा – सम्पन्न बनूँ ही सम्पन्नोऽहं स्याम् मैं लज्जा – सम्पन्न बनूँ धी सम्पन्नोऽहं स्याम् घृति सम्पन्नोऽहं स्याम् शक्ति सम्पन्नो ऽहं स्याम् शांति सम्पन्नोऽहं स्याम् मैं बुद्धि – सम्पन्न बनूँ मैं धैर्य – सम्पन्न बनूँ मैं शक्ति – सम्पन्न बनूँ मैं शांति – सम्पन्न बनूँ नन्दी सम्पन्नोऽहं स्याम् मैं […]