Vidayigeet

Mangal Bhawna, Vidayigeet

Mhara Munivar Ji

( तर्ज -धरती धोरां री) म्हारा मुनि वरजी(3) दिल में आज उदासी छाई (2)  देवा मुनिवर आज विदाई (२) मानवता रा आप पुजारी,  त्यागी हो भारी उपकारी  नत मस्तक सब नर नारी आप पधारे  खुशियांआई  तनमन नयी चेतना आई चावा नहीं महे कोई जुदाई अमृत वाणी आप सुणाई  जिन मारग री रीत बताई  अंतर अनुपम […]

Mangal Bhawna, Vidayigeet

Aaj Tumhara Jane Se Dekho Murjhi Sara Upvan Hai

(तर्ज- फूल तुझे भेजा है खत मे) आज तुम्हारे जाने से पहले मुरझित सारा उपवन है  कैसे देंगे तुमको विदाई दिल ये से सबके, उनमन हैं  सूनी लगती नगरी सारी, जैसे जंगल भी गलियां  सुख रही हैं आज हमारे मानस की सारी कलियां  गुरु क्रुपा से हमें आपका पालन ये प्रवास मिला जिन वाणी को

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