Mangal Bhawna

Mangal Bhawna, Vidayigeet

Mhara Munivar Ji

( तर्ज -धरती धोरां री) म्हारा मुनि वरजी(3) दिल में आज उदासी छाई (2)  देवा मुनिवर आज विदाई (२) मानवता रा आप पुजारी,  त्यागी हो भारी उपकारी  नत मस्तक सब नर नारी आप पधारे  खुशियांआई  तनमन नयी चेतना आई चावा नहीं महे कोई जुदाई अमृत वाणी आप सुणाई  जिन मारग री रीत बताई  अंतर अनुपम […]

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Chhod Hame Jaye Samani Ji

(लय-माईन माईन) छोड़ हमें जाये सतिवर जी कैसा कैसा लगता  नाम विदाई का सुन सुनकर मन भर भर के आता  जाते क्यो बोलो 2 पुण्याई है। प्रबल हमारी भैक्षवशासन पाया  तेरापंथ सा नंदनवन और कल्पतरू सी छाया  गण का सुयश बढाये सबमिल 2 अनुशासन मन भाता । पावस मे सब रंग लगाया, भूल नहीं पायेंगे,

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Vidayi Ki Is Bela Me

विदाई की इस बेला में (लय- ए मेरे वतन के लोगों) विदाई की इस बेला में ये अंखियां भर-भर आई।  प्राणों से प्यारे सतिवर, देती मैं आज विदाई ॥ ① स्वागत में मिलजुल हमने, खुशियों को दीप जलाए । अभिनन्दन के गीत सभी ने, मधुर मधुर थे गाये थे  घडिया अनचाही सी, आई क्यू बिना

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Mere Sativar Karo Swikrit

 मेरे सतिवर करो स्वीकृत  (लय- मेरा जीवन कोरा…..) मेरे सतिवर करो स्वीकृत वंदना शत् बार  अथक श्रम से,धर्म की तुमने बहाई धार।। अमर पथ के पथिक बन तुम बह रहे ज्यों नीर  लक्ष्य पाने बढ़ रहे हो त्यों बड़े रणधीर  हर घड़ी-२ रूं रुं में संयम की उठे झंकार।। नहीं किसी की चीज़ कभी भी

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Aaj Tumhara Jane Se Dekho Murjhi Sara Upvan Hai

(तर्ज- फूल तुझे भेजा है खत मे) आज तुम्हारे जाने से पहले मुरझित सारा उपवन है  कैसे देंगे तुमको विदाई दिल ये से सबके, उनमन हैं  सूनी लगती नगरी सारी, जैसे जंगल भी गलियां  सुख रही हैं आज हमारे मानस की सारी कलियां  गुरु क्रुपा से हमें आपका पालन ये प्रवास मिला जिन वाणी को

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Sativar Ji Ki Shital Chandni Suhayi

(लय- यशोमती मैया से बोले नंदलाला)  सतीवरजी (कनकसति)की शीतल, चांदनी सुहायी । भारी मना स्यु थाने देवा विदायी  सहजता सरलता करूणा दिल में समाई  वचन मधुरता जाण घोल घोल पायी जठ भी पधारया भी गणरी-2 ख्यात जमायी  देवा विदाई  बिज्ञ विदुषी आगम-थोकड़ा रा ज्ञाता गुरुदेव खुद भी थारै गुणा ने सराता ममता व समता दोन्यू

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Munivar Aapki Dekh Vidayi

(लय – झिलमिल सितारो का आंगन ) मुनिवर  आपकी देख विदाई ,आंखों में सबके आज रूलाई-2 नगरी के कण-कण में देखो गहन उदासी  छायी,  मुनिवर  आपकी देख विदाई  खाते-पीते-2 होहोहो,सोते- उठते यादआपही आओगे  पूछ रहे हमसब  मुनिकर हम सबको भूल न जाओगै आना फिर  जल्दी वापस ओ राही  मुनिकर आपकी देख विदाई   हो  गाँव नगर

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Aaj Vidayi Lene Sativar

(लय- मिलो न तुम तो) आज विदाई लेने सतिवर, हो गए हो तैयार उदासी छा रही है  पावस पूरा करके सानन्द ,कर रहे आप विहार  उदासी छा रही है  ④ ओ प्यारे सतिवर तुमने, सींचा चमन को अमृत धार से रक्षा की सब सुमनों की, तुमने बहुत ही प्यार से  ज्ञान सुना कर। भक्ति जगाकर

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