Karte Vandan

यह जैन तपस्या और अनुमोदना के अवसरों पर गाया जाने वाला आध्यात्मिक गीत है। A spiritual song for Jain Tapasya and Anumodana.

महाप्रज्ञ अर्चना

लय : मिलो न तुम तो
करते वन्दन हम अभिनन्दन, बालु सुत महाप्रज्ञ।
 भाव से वन्दना है, भक्ति से अर्चना है।
१. लाखों की पाई तुमने, एक पलक में श्रद्धा भावना, ऐसी अनोखी विभुता, अमर रहे यह सबकी कामना। भाग्य सरायें, नहीं भुलाएं, तुलसी का उपकार ॥
२. प्रज्ञा के देवता में, जग का भरोसा अपरम्पार है, प्रतिभा के द्वार खोलें, वही तो बनेगा गण श्रृंगार है।
 सत्य समीक्षा, संघ सुरक्षा, करते ज्यों मंदार ॥
३. तुमने जगाई गण में, आत्मा के दर्शन की नव चेतना, प्रेक्षा की साधना से करती है अपने मन की एषणा।
 महा समन्दर, जैसे अन्दर, कितने गहन विचार ॥
४. श्रद्धा से हो नत-मस्तक, आज उतारें तेरी आरती,
 चारों दिशाएं, धरती, आशा से तुमको सदा निहारती। भारत सारा, करे उजारा, पा तुमसे संस्कार ॥

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top