यह सरस गीत संग्रह का एक भजन है — पारंपरिक भक्ति की धरोहर। A devotional song from the Saras Geet collection.
हम बहनों के लिए मेरे भैया आता है एक दिन साल में आता है एक दिन साल में
आज के दिन मैं जहाँ भी रहूँ चले आना वहा हर हाल में चले आना वहा हर हाल में
हम बहनों के लिए मेरे भैया आता है एक दिन साल में आता है एक दिन साल में
कितने दिन और कितनी रैने इस आँगन में रहना है मैंने कितने दिन और कितनी रैने इस आँगन में रहना है मैंने परदेसी होती हैं बहने बाबुल जाने भेज दे मेरी डोली कब ससुराल में
चले आना वहाँ हर हाल में हम बहनों के लिए मेरे भैया आता है एक दिन साल में आता है एक दिन साल में
मैं हूँ भोली बैरी जमाना भैया मेरी लाज बचाना मैं हूँ भोली बैरी जमाना भैया मेरी लाज बचाना
इस राखी की रीत निभाना ऐसा ना हो
मैं तड़पूं ऐसे बुलबुल जैसे डाल में
चले आना वहाँ हर हाल में
हम बहनों के लिए मेरे भैया आता है एक दिन साल में आता है एक दिन साल में