यह सरस गीत संग्रह का एक भजन है — पारंपरिक भक्ति की धरोहर। A devotional song from the Saras Geet collection.
प्यारा भैया मेरा दूल्हा राजा बनके आ गया प्यारे भैया मेरा
प्यारा भैया मेरा दूल्हा राजा बनके आ गया प्यारे भैया मेरा
रेशम की पगड़ी पे सेहरा घर आँगन महका गया प्यारा भैया मेरा
प्यारा भैया मेरा दूल्हा राजा बनके आ गया प्यारा भैया मेरा
रेशम की पगड़ी पे सेहरा घर आँगन महका गया देखो यार मेरा
आज कैसी धूम है जा रही शहनाइयाँ
आँचल की छाओंमें बैठा भैया सइयां
साज के डोली आएगी लौट के जब साथ में
प्यारी सी भाभी का हाथ लूंगी अपने हाथ में पहिए एक दिन अरे क्या कहना एक फूल सा खिलेगा अंगना
प्यारे भैया मेरा दूल्हा राजा बनके आ गया प्यारे भैया मेरा
रेशम की पगड़ी पे सेहरा घर आँगन महका गया