Sab Dharmo Me Batlayi Hai Tap Ki Shakti Mahan

यह विवाह गीत है जो शादी, मांगलिक कार्यक्रमों और पारिवारिक उत्सवों में गाया जा सकता है। A traditional wedding song for marriage ceremonies and family celebrations.

सब धर्मों में बतलाई रे, तप री शक्ति महान। देवों ने गरिमा गाई रे, तप री शक्ति महान ॥स्थायी।।
तपस्या है मंगलारी, तपस्या है भवभय हारी। तपस्या केशर री क्यारी रे ॥ 1 ॥
तप से टूटे अघबंधन, आत्मा बन जाती कुंदन। मिट जाती उलझन सारी रे ।। 2 ।।
करता जो भाव तपस्या, उसकी सब शांत समस्या । बन जाते देव पुजारी रे ॥3 ॥
बाहर से टूटे नाता, आत्मा को हो विज्ञाता। बन जाता वह अविकारी रे ।।4 ।।
जो शूरवीर होते हैं, वे ही तपस्या करते हैं। तप से ‘प्रमोद’ इकतारी रे ।॥5॥

तर्ज (Tune): महाप्राण गुरुदेव

भजन के बोल / Lyrics

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top