यह सरस गीत संग्रह का एक भजन है — पारंपरिक भक्ति की धरोहर। A devotional song from the Saras Geet collection.
शिव उठत शिव-चलत शिव शाम भोर है
शिव बुद्धि शिव चित शिव मन विभोर है
शिव रात्रि ,शिव दिवस शिव स्वपन शयन है
शिव काल शिव कला शिव मास अयन है
शिव शब्द शिव अर्थ शिव ही परमार्थ है
शिव कर्म शिव भाग्य शिव ही पुरुषार्थ है
शिव स्नेह शिवराग, शिवही अनुराग है।
शिवकली शिवकुसुम शिव ही पराग है
शिव भक्ति शिव प्रेम शिवही विज्ञान है
शिवभोग शिव त्याग शिव तत्व ज्ञान है
शिव मार्ग शिवमोक्ष शिवपरम साध्य है,
शिव जीव शिव ही ब्रह्म शिव हीआराध्य है