Tapsya Nirali Re

यह विवाह गीत है जो शादी, मांगलिक कार्यक्रमों और पारिवारिक उत्सवों में गाया जा सकता है। A traditional wedding song for marriage ceremonies and family celebrations.

तपस्या निराली रे

तर्ज (Tune): सावन आयो रे

भजन के बोल / Lyrics

रचयिता : साध्वी राजीमतीजी
तपस्या निराली रे, देखो चमकै है तपसी रो दीदार, खुल ज्यावै सुरगां रा भी द्वार, मिट ज्यावै जनमां रा विकार। संयम री शक्ति, तपस्या निराली रे ।।
करड़ो काम तपस्या रो, विरला ही कोई कर पावै, 
नाम सुण्यां ही जीवड़ो कांपै, धड़कन भी तो बढ़ ज्यावै। दीखै है दिन में तारा, आंख्यां में अंधियार, संयम री शक्ति, तपस्या निराली रे।।
धीरे-धीरे चालै तपसी, धीरे-धीरे बोलै है, अपनी धुन में बैठ्यो-बैठ्यो, भीतर गांठा खोलै है। समता रा दीप जलावै, समता ही सुखकार, संयम री शक्ति, तपस्या निराली रे ।।
धर्म-ध्यान रो मेळो लाग्यो, होडा-होड लगाई है, गली-गली में तप री चर्चा, शासन माता आई है। भिक्षु रो शासण प्यारो, तुलसी रो आधार, संयम री शक्ति, तपस्या निराली रे ।

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top