यह विवाह गीत है जो शादी, मांगलिक कार्यक्रमों और पारिवारिक उत्सवों में गाया जा सकता है। A traditional wedding song for marriage ceremonies and family celebrations.
तपस्या रो बादलियो
(लय : बादळियो आंखड़ल्यां में)
रचयिता : साध्वी राजीमतीजी
तपस्या से बादळियो बरस्यो, बादळियो बरस्यो, घोर घटा उमड़ाई है सावण में।
बोलो-बोलो भायां बायां, कांई कांई करस्यो, -२, नई उमंगां आई है जन-जन में ।।
तपसी रो तेज देख, देव चकरावै है, राजा और बादशाह भी, शीष झुकावै है। नई प्रेरणा पाई है, जीवन में ।।
खाणै रो तो स्वाद जाण्यो, छोड़णे रो जाणल्यो,
एक अठाई करणी, मन में पक्की ठाणल्यो।
देवां खूब बधाई म्है, तपसण नै ।।
भिक्षु-गण री ख्यात में, लिखायो आज नाम है,
काया पर कुल्हाड़ी बाणी, घणो करड़ो काम है।
हिम्मत जोर जगाई थे, कण-कण में।।
तप रो अनोखो रंग, छायो इण गांव में,
आवो आपां सागै बैठां, तपस्या री नाव में।
गहरी नींव लगाई है, शासण में ।।