Mai To Sanchal Ra Gun Gavu
मैं तो सांचल रा गुण गाऊ तर्ज : घूमर (मारवाड़ी) जी मैं तो सांचल संच्चियाय रा गुण गांऊ ए मां। जी मैं तो ओसियां सुरराय ने मनाऊं ए मां। म्हारो मन लाग्र्यो, अम्बा यश में ।। हां-हा। ऽऽऽ म्हारो मन लाग्यो दुर्गा यश में । जी मै तो थांरी म्हारी, नहीं चाहूँ ए मा । […]