Author name: Sunita Dugar

Mata Ji

Mai To Sanchal Ra Gun Gavu

मैं तो सांचल रा गुण गाऊ तर्ज : घूमर (मारवाड़ी) जी मैं तो सांचल संच्चियाय रा गुण गांऊ ए मां। जी मैं तो ओसियां सुरराय ने मनाऊं ए मां। म्हारो मन लाग्र्यो, अम्बा यश में ।। हां-हा। ऽऽऽ म्हारो मन लाग्यो दुर्गा यश में । जी मै तो थांरी म्हारी, नहीं चाहूँ ए मा । […]

Mata Ji

Fool Bhi N Mangati,

(तर्ज : लारी लप्पां) फूल भी न मांगती, ये हार भी न मांगती, माँ तो बस भक्तों का, प्यार मांगती, बोलो जय माता दी ।। ओसियां के मन्दिर में धाम मेरी माई का, जग है दिवाना मैय्या, तेरी संकलाई का, चढ़ावा भी न मांगती, दिखावा भी न मांगती ।। माँ तो श्रद्धा से बुलावोगे तो,

Mata Ji

Jagdambe Bhawani Maiya

जगदम्बे भवानी मैय्या, तेरा त्रिभुवन में छाया राज है (तर्ज : जरा सामने तो आवो छलिये) जगदम्बे भवानी मैय्या, तेरा त्रिभूवन में छाया राज है। सोहे वेष कसूमल नीको, तेरे रत्नों का सिर पै ताज है।। जब-जब भीड़ पड़ी भक्तो पर, तब-तब आय सहाय करे। अधम उद्धारण तारण मैय्या, युग-युग रूप अनेक धरे ।। सिद्ध

Mata Ji

Sanchal Nam Ki Jyoti Jagava ,

(तर्ज : सिरियारी रो सन्त) सांचल नाम की ज्योत जगावां, हिलमिल मां का मंगल गावां थांरे मंगल कारी नाम से मां दुखड़ा भागे,  म्हानै मां सांचल रो नाम प्यारो प्यारो लागे 2 दुष्ट दलन कर मैया थे तो, भक्ताने उबारा जी  महिषासुर को मर्दन किन्यो मधुकेटव संहारा जी  देवाा बोले है जयकारा, ऋषि मुनि ध्यान

Mata Ji

He Sachiya Mata Mujh Par

हे संच्चिया माता मुझ पर (तर्ज : होठो से छुलो तुम, मेरे गीत) हे संच्चिया माता मुझ पर, थोड़ी सी दया कर दो । मैं भक्त तुम्हारा हूँ, मेरा जन्म सफल कर दो ।। टेर ।। ऊँचे पर्वत पर मां, तेरा मन्दिर अति सोहे । छवि तेरी बड़ी प्याारी, भक्तों का मन मोहे । कैसे

Mata Ji

“Maiyaji Ka Lad Mil Kar Sara Karsya

मैव्याजी का लाड मिल कर सारा (तर्ज : इक परदेशी) मैय्याजी का लाड मिल कर, सारा करस्यां, मैय्याजी क चालो जी, सिंधारा करस्यां ।। ओसियां वाली मैय्या थानै, घरां म्हें बुलावांगा, राचणी आ मेंहदी थारै, हाथां में मंडावांगा, लाल – लाल हाथ, मैय्या, थांरा करस्यां ।। 1 ।। आंगणिये में मैय्या म्हारी, झुलों म्हे घलावांगा,

Mata Ji

Mehandi O Mehandi Itna Batade

मेंहदी ओ मेंहदी, इतना बता दे, कौन सा काम किया है, मैय्या ने खुश होकर तुमको, हाथों में थाम लिया है, ओ मेंहदी बो….. लो ना, ओ मेंहदी बो….. लो ना ।। टेर ।। तेरी किस्मत सबसे बड़ी है, मैय्या ने अपनाया, मैय्या तुमसे प्यार करे क्यों, कोई जान न पाया, मैय्या की कृपा होने

Mata Ji

“Mammy Karde Tu Taiyar,”

मम्मी कर दे तूं तैय्यार (तर्ज : ताऊ बांध लै) मम्मी कर दे तूं तैय्यार, ओसियां नगरी जाऊंगा, छोटे छोटे हाथों से मैं, भोग लगाऊंगा ।। हे मम्मी… गुल्लक वाला पैसा लेकर, रेशमी कपड़ो ल्याऊं,  छोटी सि इक डंडी में तो, झंडी एक लगाऊं  पापा के संग जाकर मैं तो, ध्वजा चढ़ाऊंगा ।। 1 ।।

Mata Ji

Dena Ho To Dijiye

(तर्ज : बस होती रहे मुलाकत) देना हो तो दीजिये, जन्म-जन्म का साथ मेरे सिर पे रख दो मैय्या, अपने ये दोनों हाथ ।। इस जन्म में सेवा देकर, बहुत बड़ा अहसान किया, तूं ही नैय्या तूं ही खवैय्या, मैंने तुम्हें पहचान लिया,  मेरा रस्ता रोशन कर दे, छायी अंधियारी रात ।। 1 ।। झुलस

Mata Ji

“Kisne Rachayi Mehndi Hatho Me ,

किसने रचायी मेंहदी हाथों में (तर्ज : चूड़ी जो खनके हाथों में………) किसने रचायी मेंहदी हाथों में तेरा किसने किया है श्रृंगार, दरबार प्यारा प्यारा लागै ।। हाथों में है लाल चुड़ा, रंग बिरंगी रोली है, लाल चुनड़िया गौटे की, किसने तुझे चढ़ायी है, किसने लगाया काजल आंखों में तेरा किसने ।। 1 ।। रंग

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