Osiya Wali Sachhiyay Ma Thari Karta
ओसियां वाली संच्चियाय माँ (तर्ज : कितना बदल गया इन्सान………) ओसियां वाली संच्चियाय माँ, थांरी करता जय जयकार, थांरो दुनियां में है नाम ।। मैय्या थांरा टाबर आया, नाच नाच कर भजन सुनाया, विनती सुन लो संच्चियाय माता, मुझ को और समझ नहीं आता, बीच भंवर में फंसी हे नैय्या, कर द्यो बेड़ा पार ।। […]