Author name: Sunita Dugar

Mata Ji

Osiya Wali Sachhiyay Ma Thari Karta

ओसियां वाली संच्चियाय माँ (तर्ज : कितना बदल गया इन्सान………) ओसियां वाली संच्चियाय माँ, थांरी करता जय जयकार, थांरो दुनियां में है नाम ।। मैय्या थांरा टाबर आया, नाच नाच कर भजन सुनाया, विनती सुन लो संच्चियाय माता, मुझ को और समझ नहीं आता, बीच भंवर में फंसी हे नैय्या, कर द्यो बेड़ा पार ।। […]

Mata Ji

“Sun Lo Osiya Wali”

सुन लो ओसियां वाली (तर्ज : सावन का महीना……) सुन लो ओसियां वाली, लो अंखिया को खोल, देखो मेरी नैय्या मैय्या, हो रही डांवाडोल ।। छायी है मैय्या देखो, गम की बदरिया, डर मोहे लागै अब तो, चमके है बिजुरिया, ऐसे अंधियारे में, मैं जाऊं किस और ।। 1 ।। तेरे सिवा अब मैय्या, कोई

Mata Ji

“Ho Ho Maiya Dekh Lyo

ऽऽ मैय्या देखल्यो सेवा में (तर्ज : धमाल……) हो ऽऽ मैय्या देखल्यो सेवा में, थांरा टाबर आया रे, मैय्या देखल्यो. बालक अपणो जाण कै मैय्या, अपनी शरण में ले ल्यो रे, खोल थांरा दरवाजा मैय्या, दर्शन दे दो रे, टाबर ।। 1 … ।। थारै मंदिर की माँ झांकी, म्हानै प्यारी लाग रे, मैय्या थांरी

Mata Ji

“Bhawani Thare Hatha Me”

भवानी थारै हाथां में (तर्ज : होलिया……) भवानी थारै हाथां में, भवानी थारै हाथां में, चढयो है मेंहदी रो रंग, भवानी थारै हाथां में, रची है लाल सुरंग, भवानी थारै हाथां मै ।। सात सुहागण घोल के ल्यायी, मैय्याजी के हाथ रचायी, हिवड़े में भर उमंग, भवानी ऐसो गहरों रंग चढ़ाई, ना छूटै अब लाख

Mata Ji

“jay Jagdambe Ma Aaya Tere Dwar,”

जय जगदम्बे जय माँ अम्बे जय जगदम्बे जय माँ अम्बे, आया तेरे द्वार, लाज मेरी रख लेना, रख लेना माँ-2, जय काली कलकते वाली, होय सिंह सवार, लाज मेरी रख लेना कामरूप में कामख्या, कलकते में काली तुं मुम्बई में मुम्बा देवी, मैय्या झुन्झुनु वाली तु दुर – दुर से आवे यात्री – 2, करते

Mata Ji

Jholi Bhardyo Mata Ji

झोली भरद्यो जी मैय्याजी (तर्ज : धमाल) झोली भरद्यो जी मैय्याजी, थारै क्यांको घाटो जी, क्यांको घाटो, क्यांको घाटो, क्यांको घाटो जी 2 तीन लोक री सारी पूंजी, मैय्या थारे हाथां में, जग सेठाणी थे कहलावों, कुछ तो बांटो जी ।। 1 ।। मै तो हूँ छोटो सो बन्दो, नाम काम भी छोटो जी, जीवन

Mata Ji

“Osiya Nagari Pyari

(तर्ज : सावन का महीना …) ओसियां नगरी प्यारी, जहां मैय्या का दरबार, दर्शन करले प्राणी, यहां पे मैय्या लुटाये प्यार ।। सुरज की किरणें तेरी, ज्योति जगाये, चन्दा की किरणें तेरी, आरती गाये, टिम टिम करते तारे, ज्यों पायल की झंकार ।। 1 ।। भक्ति हमारी भक्तों, गंगा की धारा, मैय्या की शक्ति मानो,

Mata Ji

Jis Ma Ne Tumko Janm Diya

जिस माँ ने तुमको जन्म दिया तर्ज : दिल लुटने वाले… जिस माँ ने तुमको जन्म दिया, दिल उसका दुखाना ना चाहिए, जिस पिता ने तुमको पाला है, कभी उसको सताना ना चाहिए, बेटा जितना आज्ञाकारी, उसे सिर पे चढ़ाना ना चाहिए, बेटी जितनी भी लाडली हो, घर-घर में घुमाना ना चाहिए ।। 1 ||

Mata Ji

“Maiya Ka Darbar Suhana Lagata Hai

मैय्या का दरबार (तर्ज : दुल्हे का सेहरा लगता है) मैय्या का दरबार, सुहाना लगता है, मैय्या का श्रृंगार सुहाना लगता है पल भर में कैसे बदल जाते हैं ये, इनका हर अंदाज निराला लगता है ,मैय्या का— हो रहा उत्सव यहां, यह झूमता है मन, गा रहे सब गीत मिलकर, भर गया आंगण मांगते

Mata Ji

Maiya Meri Naukari Pakki Karo

मैय्या मेरी नौकरी पक्की करो, (तर्ज : फूलौरी बिना चटनी….). मैय्या मेरी नौकरी पक्की करो, आज मेरी तनख्वाह थे नक्की करो ।। नौकरी करूं तो तुम्हारी करूं दूसरे की चौखट पे पांव ना धरूं श्रद्धा की डोर और पक्की करो ।। 1 ।। आप जैसा मालिक मिलता नहीं, जो बार बार नौकर बदलता नहीं, खुशियों

Scroll to Top