Author name: Sunita Dugar

Bana Bani

Mera Bana Hai Rang Rangila

 बन्ना गीत (तर्ज-उड़े जब -2 जुल्फे तेरी) मेरा बन्ना है रंग रंगीला-2 कि दिल वो लूट लेगा मण्डप में -2 1- केोई फूलो से सेहरा सजा दो कि खुशबू बिखेर जायेगा मंडप में-मेरा बन्ना -.- 2. कोई रेशम का जामा पहना दो कि रौनक लगा जायेगा मंडप में – १ मेरा बन्ना ३. कोई हाथों […]

Vidayi Geet, Vivah Geet

Bas Itna Hi Sang Tha Tumhara Hamara

बस इतना ही संग था तुम्हारा हमारा,  जाओ बेटी खुश रहना ले लो आशीष हमारा,  बस इतना ही संग था तुम्हारा हमारा कोई बदल ना पाया ये दस्तूर पुराना  छोड़ के माँ का आँचल संग पिया के जाना  हुई परायी रहा न तुम पर वो पर वो अधिकार हमारा,  बस इतना ही संग था  तुम्हारा,

Bana Bani

Chhup Gaye Sare Najare

 (लय-छुप गये सारे नजारे)  बन्ना बन्नी गीत, छुप गए सारे नजारे होए क्या बात हो गई- बन्नी चलो न फेरों पे आधी रात हो गई-2 1-टीका लाया रे बन्ना झुमके लाया रे बन्ना – २ नेकलेस (हरवा) लाया रे बन्ना नथनी लाया रे बन्ना  बन्नी पहनों खुशी से होए क्या बात हो गई -२ बन्नी

Krishna Ji, Shyam

Aisi Lagi Lagan Meera Ho Gayi Magan

ऐसी लागी लगन, मीरा हो गई मगन;  वो तो गली-गली हरि गुण गाने लगी-2  महलों में पली ,बनके जोगन चली; मीरा रानी दीवानी कहाने लगी-2 ऐसी लागी लगन——– कोई रोके नहीं, कोई टोके नहीं मीरा गोविंद गोपाल गाने लगी-2 बैठी संतों के संग, रंगी मोहन के रंग  मीरा प्रेमी प्रीतम को मनाने लगी-2 वो तो

Bana Bani

Darwaje Pe Om Likhwa Do

(लय- सजन घर जाना है) दरवाज़े पे ओम लिखवा दो, शुभ लाभ लिखवा दो  हमारे घर शादी है १. अंग बना के कुरता (लहंगा)सोहे -2  दुप्पटे (चुनरी) पे ओम लिखवा दो,  शुभ लाभ लिखवा दो हमारे घर शादी है २. शीश बना के फेंटा (बन्नी) के (टीका) सोहे, किलंगी (माला) )पे ओम लिखवा दो,  शुभ

Bana Bani

Vinayak Ji Ne Ye Din Dikhaya

(लय- जिसके ह्रदय में हरि स्वयं बंद है) विनायक जी ने ये दिन बनाया मेरी लाडो को दुल्हन बनाया बाबा फूले ना समाए, दादी खुशियां मनाए  सखियों ने मंगल गाया मेरी लाडो को दुल्हन बनाया पापा मोहरे लुटाए, मम्मी लेती हैं बलाएं सखियों ने मंगल गाया, , मेरी लाडो को दुल्हन बनाया  जीजा मन मुस्कायें,

Beti

Maine Kismat Aisi Payi

(लय- मैंने पायल है छनकाई) ..मैंने किस्मत एसी पाई, बन के लक्ष्मी तू है आई  तेरे आने से घर खिल गया  ओ बिटिया मिली तू तो सब मिल गया ओ बिटिया -2 तू फूलों सी मुस्काए सदा खुशियों बरसाए  मेरे दिल की धड़कन है ओ बिटिया तू मैंने,  मैंने मन्नत थी ये मानी घर में

Guru, Mahashraman

Shree Mahashraman Charno Me

महाश्रमण स्तुति  श्री महाश्रमण चरणों मे (लय : प्रभु पार्श्व देव चरणों में) श्री महाश्रमण चरणों में, श्रद्धा उपहार है।  जिनके मुख दर्शन से ही होता उद्धार है।। 1. है सहज शांति की मूरत, मुख पर मुस्कान है।  शब्दों से अधिक भावों को, देते आकार है।। 2. बाहर में जी कर करते, आत्मा में वास

Mallinath

19.Unnis Ve Tirthankar Bhagwan Mallinath Ki Kahani

19ve Tirthankar Bhagwan Shree Malli Nath Ka Symbol ( Pratik)-Kalash भगवान् श्री मल्लिनाथ तीर्थकर गोत्र का बंध उन्नीसवें तीर्थंकर मल्लिनाथ प्रभु स्वयं में एक आश्चर्य ये। शेष तीर्थंकरों ने पुरुष शरीर धारण किया था। किन्तु तीर्थंकर मल्लिनाथ ने स्त्री शरीर में जन्म लिया था। स्त्री-शरीर में इतना आत्म-विकास तथा इतना पुरुषार्थ स्वयं में एक आश्चर्य

Adinath, Rishabh Dev

1.PrathamJain TirthankarBhagwan Shree Rishabh Dev Ki Kahani

1st Tirthankar Bhagwan Shree Rishbhnath Ka Symbol (Pratik)-Bull जैन काल गणना में एक काल-चक्र बीस करोड़ा-करोड़ सागरोपम का होता है। काल-चक्र के उत्सर्पिणी तथाअवसर्पिणी नाम से दो विभाग हैं, प्रत्येक विभाग दस-दस करोड़ा करोड़ सागपरोपम का है। उत्सर्पिणी और अवसर्पिणी के छः-छः विभाग होते हैं। उन्हें आगम की भाषा में ‘आरा’ कहते-हैं। उत्सर्पिणी काल के

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