Author name: Sunita Dugar

Adhyatmik, Kabir, Nirgun Bhajan, Satsang

Samay O Beet Jyavelo

यह जैन तपस्या और अनुमोदना के अवसरों पर गाया जाने वाला आध्यात्मिक गीत है। A spiritual song for Jain Tapasya and Anumodana. • समय ओ बीत ज्यावैलो (लय : धर्म की लौ जलायें…) समय ओ बीत ज्यावैलो । जाग, फिर ओ अवसर थारै, हाथ न आवैलो ॥ १. फूल झूलतो टहणी स्यूं, झटकै नीचे गिर […]

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Karmo Ki Chal Nirali Hai

यह जैन तपस्या और अनुमोदना के अवसरों पर गाया जाने वाला आध्यात्मिक गीत है। A spiritual song for Jain Tapasya and Anumodana. चाल कर्म की (लय : यदि भला किसी का कर न सको तो) कर्मों की चाल निराली है, ये बात सभी ने मानी है ना जाने कब ये जाय बदल, इसकी गति तो

Adhyatmik, Kabir, Nirgun Bhajan, Satsang

Jeevan Chhoto So

यह जैन तपस्या और अनुमोदना के अवसरों पर गाया जाने वाला आध्यात्मिक गीत है। A spiritual song for Jain Tapasya and Anumodana. जीवन छोटो सो  (तर्ज – कोरो कांजलियो……) रचयिता : साध्वी अणिमाश्री जीवन छोटो सो, तुं जाग अरे इंसान ! जीवन छोटो सो….. १. के करणो के कर रह्यो, तूं करलै आज विचार । 

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Jag Bande Jag

यह जैन तपस्या और अनुमोदना के अवसरों पर गाया जाने वाला आध्यात्मिक गीत है। A spiritual song for Jain Tapasya and Anumodana. जाग बंदे ! जाग (तर्ज – एक तेरा साथ…..) साध्वी अणिमाश्री जाग बंदे ! जाग, दुर्लभ नर-तन तूने पाया है। यह हीरा हाथ आया है ।। खो रहा क्यों नश्वर भोगों में, अनमोले

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Pani Re Bale Jyu Jeevan Bah Jyavela

यह जैन तपस्या और अनुमोदना के अवसरों पर गाया जाने वाला आध्यात्मिक गीत है। A spiritual song for Jain Tapasya and Anumodana. पाणी रे बालै ज्यूं  (तर्ज – इक परदेशी……..) साध्वी अणिमाश्री पाणी रे बालै ज्यू जीवन बह ज्यावैला । भरती बिरियां बोल आड़ो कुण आवैला ।। पाई-पाई जोड़णै में जीवन बीतायो । रात-दिन दौड्‌यो,

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Avasr Jagan Ro

यह जैन तपस्या और अनुमोदना के अवसरों पर गाया जाने वाला आध्यात्मिक गीत है। A spiritual song for Jain Tapasya and Anumodana. अवसर जागण रो ( तर्ज – धरती धोरां री………) रचयिता : साध्वी अणिमाश्री अवसर जागण रो – ३ जागण वालो लाभ उठासी । बो ही समझदार कहलासी । जश रो झंडो बो फहरासी

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Ab To Jag Are Insan

यह जैन तपस्या और अनुमोदना के अवसरों पर गाया जाने वाला आध्यात्मिक गीत है। A spiritual song for Jain Tapasya and Anumodana. अब तो जाग अरे इंसान ! (तर्ज – कितना बदल गया संसार….) रचयिता : साध्वी अणिमाश्री अब तो जाग अरे इंसान ! आया है तूं इस दुनिया में बनकर के मेहमान । मोह

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Gahre Tal Me Moti Milasi

यह जैन तपस्या और अनुमोदना के अवसरों पर गाया जाने वाला आध्यात्मिक गीत है। A spiritual song for Jain Tapasya and Anumodana. गहरे तल में मोती मिलसी तर्ज – चांद सी महबूबा…. (रचयिता : साध्वी अणिमाश्री) माटी रै ईं तन पर चेतन ! क्यूं इतो इतरावै है ।  दो दिन री ई चमक-दमक परे गाफिल

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Jara Soch Le Tu Man Me Syana

यह जैन तपस्या और अनुमोदना के अवसरों पर गाया जाने वाला आध्यात्मिक गीत है। A spiritual song for Jain Tapasya and Anumodana. जरा सोचले तूं (तर्ज – जरा सामने तो आओ ) रचयिता : मुनि बुद्धमल जरा सोचले तूं मन में स्याणां, थारै जीवन रो के आधार है, झोलो बहज्या कठीनै पून रो, ईरी चंचलता

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Tan Dhan Ro

यह जैन तपस्या और अनुमोदना के अवसरों पर गाया जाने वाला आध्यात्मिक गीत है। A spiritual song for Jain Tapasya and Anumodana. तन धन रो ! कांई रै गुमान करे (तर्ज :- दिल करता) रचयिता : साध्वी राजीमती तन धन रो ! कांई है गुमान करै, तन धन रो,  खाली हाथां जावै, करणी रा फल

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