1.PrathamJain TirthankarBhagwan Shree Rishabh Dev Ki Kahani
1st Tirthankar Bhagwan Shree Rishbhnath Ka Symbol (Pratik)-Bull जैन काल गणना में एक काल-चक्र बीस करोड़ा-करोड़ सागरोपम का होता है। काल-चक्र के उत्सर्पिणी तथाअवसर्पिणी नाम से दो विभाग हैं, प्रत्येक विभाग दस-दस करोड़ा करोड़ सागपरोपम का है। उत्सर्पिणी और अवसर्पिणी के छः-छः विभाग होते हैं। उन्हें आगम की भाषा में ‘आरा’ कहते-हैं। उत्सर्पिणी काल के […]