Bhachya

Bhachya, Tapsya

Mehndi -2 (Bhanchya)

मेंहदी-२ मेंहदी बांट सिलावटै, कोई ज्यू रंग दूणी होय। मेंहदी दयोनी सूरज जी रै हाथ, मेंहदी म्हारी राचणी। मेंहदी दयोनी चांदोजी रै हाथ, मेंहदी म्हारी राचणी ||१|| मेंहदी दयोनी विनायक जी रै हाथ, मेंहदी म्हारी राचणी। मेंहदी दयोनी देवी देवता रै हाथ, मेंहदी म्हारी राचणी ।।२।। हाथा मेंहदी राचणी, चन्दु बाई रो चुड़लो हाथ।  सेज […]

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Shree Choubisi(Bhanchya)

श्री चौबीसी आदिनाथ, अजित, संभव, समरुं जी श्री अभिनन्दना, चरण जिनजी शीश घर घर, करूं जी पल-पल वंदना ।। सुमतिनाथ, पद्मप्रभु, तरण तारण सुपास है। चंद्राप्रभुजी चरण बंदत, मिटत जम नीं त्रास हैं ।।१।। सुविधिनाथ, शीतल स्वामी, श्रेयांस, त्रिभुवन ईश है। वासुपूज्यजी के चरण वंदन, अहोनिश म्हारो शीश है।।२।। विमलनाथ, अनन्त, धर्मजी, को ध्यान नित

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Chobisi Char Rago Me(Bhanchya)

चौबीसी चार रागों में राग-लहरो भिक्ष भजल्योजी। भिक्षु भजल्यो भलै भाव सूजी महाराज सा तरण तारण गुरुदेव राज भिक्षुभजल्यो जी । अगणा संभवनाथ बानस्याओ निणजी। चौथा अभिनन्दन देवराज भिक्षु भजल्यो जी।।२।। पांचवा सुमतिनाथ बानस्याओ जिणजी। छठा पदमप्रभु देवराज भिक्षु भजल्यो जी।।३।। भिक्षु तो भजल्यो भले भाव स्सू जी महाराजसा  तरण तारण गुरुदेव राज, भिक्षु भजल्योजी

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Chobisi Bhagwan Ki Stuti Alag Alag Lay Me(Bhanchya)

चोबीस भगवान की स्तुति अलग-अलग लय मे राग-पारस पूजन द्यो पारस पूजन दयो। पारस पूजन में गई कोई ले तपस्यारी भेंट।पारस पूजन दयो   पहला ऋषभनाथ बानस्यां कोई दूजा अजितनाथ देव। प्रभुजी ने भजवा दियो   अगणा संभवनाथ बानस्या, कोई चौथा अभिनन्दनदेव पारस पूजन दो  साचे मन स्यू पूजतां, म्हारा होसी बेड़ा पार प्रभुजी नै– पारस पूजन

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Shasan Mata Ro Parno(Bhanchya)

1शासन माता रो पारणो कंठोडे स्यूं शासन देवत उतरया रे लाल, कंठोडै लिया रे मलान ओ शासन देवत, आओ नै चौरासी लख रै पारणे ओ राज ।। शत्रुंजय स्यूं शासन देवत उत्तरया रे लाल, अहमदाबाद लिया रे मलान ओ शासन देवत, आओ नै हमारे घरे पारणै ओ राज ।। शत्रुंजय स्यूं शासन देवत उतरयाँ रे

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Shree Aadiswar Parno (Bhanchya)

श्री आदीश्वर पारणो ए म्हारी राज सहेल्यां आज आदीश्वर करसी पारणो  म्हारी सखी-सहेल्यां पहला तीर्थकर करसी पारणो। आंकड़ी…॥अ।। सारां पहलां संयम लियो श्री ऋषभ देव महाराज  गावां नगरा विचरतां, कोई भव जीवां रा भाग। ए म्हारी …।12।। कर्म अंतराय आडी फिरी, कोई फिरिया घर-घर द्वार  नाभि राजा रा निका पोता, नहीं कीनी मनवार। ए म्हारी

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Sashan Mata Ko Parno 2(Bhanchya)

शासन माता पारणो-2 झालर रो झणको, कांसी रो ठणको म्हैं सुण्यो, आ तो शहर सतरंजै रै मांय, के झालर बाजै जी। सतरंजै में आदिनाथ जनमिया, ए तो माता मोरां देवी रा नन्दजी, झालर बाजै जी। झालर रो झणको, कांसी रो ठणको म्हें सुण्यो, आ तो शहर गिरनारां रै मांय, के झालर बाजै जी। गिरनारां में

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Badhao-3(Bhanchya)

बधावो-३ पांच बधावा म्हारै उमट आया। आया ओ ज्ञान, दर्शन चारित्र निर्मलाजी, पहले बधावै म्हानै ज्ञान सुवावै, सुवावै ओ ज्ञानी साधां री सेवा म्हे करांजी ।।१।। दूजै बधावै म्हानै तप सुवावै, सुवावे ओ तपसी साधां री सेवा म्हे करांजी ।।२।। अगणे बधावै म्हानै खीम्या सुवावै, सुवावै ओ खीम्या साधाँरी सेवा म्हे करांजी।।३।। चौथे बधावै म्हानै

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Malan & Mishri(Bhanchya)

मालण म्हें थांनै मालण बरजीयो इण बिध मरवो मत बाय,  इण बिध साध पधार गोचरी, श्रावक जोवे बांरी बाट ग्यारवां श्रेयांस बांधस्या, बाहरवां वासूपूज्य देव तेहरवां बिमलनाथ बांधस्यां, चवदवां अनन्तनाथ देव। हरीयो सो पूठौ बांर हाथ मं, बांचनी सुतर बखाण,  ऊंचे सिंहासन म्हाराजसा रो बैठणो, नीचे पुरखत्यां रो ठाठ। भायां तो वाणी आपरी झेलसी, बायां

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Satrangi Jajam Dhalo Ji Koi Aaj Mhare Aangane(Bhanchya) (badhao)1

सतरंगी जाजम सतरंगी जाजम ढाळो जी कोई, आज म्हारे आंगणे। नवरंगी जाजम ढाळो जी कोई, आज म्हारे आंगणे । ध्रुव ।। सुसरोजी नै बेग बुलावो जी काई, आज म्हारे आंगणै। थांरी कुल बहू करी अठाई जी कोई, आज म्हारे आंगणै। अठाई रा हरख करावो जी कोई, आज म्हारे आंगणै।  ,  अठाई रा जीमणकरावो जी कोई

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