May Mati Chikni Ji , (Bhachya, Tapsya Geet)
माया माटी चीकणी मांय माटी चिकणीजी, फागण कलश बंधायक चित्त चितारियाजी। गाई जै। ऋषभनाथ गाई जैजी माता, मोरां देजी रा नन्दक कलश बंधाईया जी कलशां के सोने का, डांडे के रूपैरा पड़गना जी। इसड़ा सा कुंभ कलश म्हारी तपस्या में चाहिजे जी इसड़ा सा रतन कलश म्हारी अठायां में चाहिजे जी ||१|| मांय […]