Namo Guru Devanam
णमो गुरुदेवाणं (लयः श्रद्धा विनय…..) रचयिता : साध्वी सिद्धप्रज्ञाजी उगी सुनहली भोर, णमो गुरुदेवाणं । प्रमुदित है हर पोर, णमो आयरियाणं ।। १. तेरापंथ के भाग्य निराले, एक-एक से बढकर आले । भैक्षवगण सिरमौर ।। २. आर्य भिक्षु की अभिनव शैली, ना कोई अपना चेला चेली । अनुशासन की डोर ।। ३. धर्म-क्रांति की […]