Vandana Mahavir Lo Abhivandana
(लय-दिल के अरमां) वंदना महावीर लो अभिवंदना, भक्ति से पल-पल करें अर्थ्यथना ।। स्थायी ।। देव ! तुमने देन जग को दी नई, रात में भी रोशनी सी हो गई। जग उठी हर चेतना में स्पंदना ।।1।। शांति का संदेश पावन जब दिया, शुद्ध कितने पापियों को है किया। बोलती हर आतमा में साधना ।।2।। […]