Mayro Bai Ro Bharba
(तर्ज : सारी सारी रात तेरी याद……) मायरो बाई रो भरवा विरो म्हारो आयो रे । बिरो म्हारो आयो साग भोजाई न ल्यायो रे ॥ बीरो भनावण जाऊ आरती रो थाल सजाऊं मधुर मधुर गीत गाऊ, मीठो मीठो शर्बत पाऊ जामण जायो बीरो म्हारो, अति हर्षायो ॥ बीरो .. . हाथांरी रेखा म्हारी, मेहन्दी स्यूं […]