Mamera

Batisi, Bhat, Mamera, Mayra

Barsyo Mhara Kala Badal

बरसो म्हारा काला बादल बरसो, सवाया जी  बरसो( पिता पुत्र का नाम )आ बेल्या थारी जी  खोलो कड़ीया को फेंटो रालो रुपैया जी  थांरा रुपैया म्हारो थाल भरीज जी थाल भरीज म्हारो बनड़ो परणीज जी  बनड़ो परणीज म्हारो मनड़ो हुलसीज जी  बरसो म्हारा गुदल्या बादल बरसो सवाया जी  पीहर वालों का इसी तरह नाम लेना) […]

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Matha Ne Memad Lyao

*** माथा न मैमद ल्यावो म्हारा राज, रखड़ी घड़ाव म्हारा बीरोजी ।  छानी र ए चूपकी र ए घरकी नार, थारा बीरा जीन जाणा छां ।  जाणा छां रे पीछाणा छां र, परण्या जद रा जाणा छां । म्हारी बीरो म्हारो बीरो करती जाय, घर को माल लुटाती जाय । तीजोरया सरकाती जाय, नाम बीराजी

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No Lakh Tara Jadi Chunadi

नौ लख तारा जड़ी चूनड़ी झूमती, कोड घणेरो बाई पेर्या पेऱ्यां घूमसी – २  जयपुर शहर स्यूं बिराजी चूनड़ी मंगाई, भावज बैठर सीतारा जड़ाई – २ मायड़ हरख, दुनिया बहुत सरायसी, कोड घणेरो बाई … समन्दपार स्यूं बिराजी मोती मंगाया, भावज बैठर गजरा पुवाया – २ बाबुल हरख, सब कोई बहुत सरायसी, कोड घणेरो बाई

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Beera Mahero

बीरा :- बीरा माहेरो भरण ने बेगो आय भाणजी रो ब्याह रच्यो । माथे में म्हारे टीका ल्याजो रखडी रतन जडाय महारी नथली में हीरा जडाय भाणजी रो व्याह रच्यो । काना में बीरा झुमका ल्याजो रतन जडाय  म्हारे कुण्डल में हीरा जडाय भाण्जी रो ब्याह रच्यो ।॥ गले में म्हारे नेकलस ल्याजो  दुलडी उथल

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Do Hanso Ki Motar Darwaje Khadi Re

दो हंसों की मोटर दरवाजे खड़ी रे, आज मेरा भैया माहेरा लाया रे, टीका भी लाया भैया, रखड़ी भी लाया, कुण्डल की जोड़ी भैया संग लाया रे, आज मेरा भैया माहेरा लाया रे । दो हंसो—- लॉकेट भी लाया भैया दुलड़ी भी लाया, तिलहरी की जोड़ी भैया संग लाया रे, आज मेरा गजरा भी लाया

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Biro Mharo Aayo Bhawaj

(लय-म्हारा हथेल्या के बीच छाला) बीरो म्हारो आयो, भावज बांटा जोव – २ मायड़ स्यूं ओ, मायड़ स्यूं मिलण की मन में आवा म्हारा मारुजी रुंकड़ीयो बताद्यो म्हार पीर को, मारगियो बताद्यो म्हार पीरको गोडा आई बाजरी चिड़ीयां चुग चुग जाव – २ तील्ली रो ओ तील्ली रो नीनाण करणों पड़सी म्हारी गोरी ए पीवरीये

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Kathe Su Aayi Sunth

कठे स्यूं आई सूंठ कठ स्यूं आयो जीरो  कठ स्यूं आयो ए म्हारो मां को जायो बीरो  दिल्ली स्यूं आई सूंठ, जैपुर स्यूं आयो जीरो  बम्बइ स्यूं आयो ए म्हारो मां को जायो बीरो ।  आ क्या में चइय सूंठ ओर क्या मं चइय जीरो  ओर क्याम चहीय ए थारो मां को जायो बीरो  आ

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Leke Kumkum Chawal Hath

(तर्ज – लेके पहला पहला प्यार …) लेके कुकुं चावल हाथ, बहना उभी जोवे बाट बीरा आवोजी आवो म्हारे आंगणीये शीश बीराजी टीका लाना, टीके में बिरा मेरे हीरा जड़ाना झुमके लटकन लाना साथ, मेरे कानों का श्रृंगार । बीरा ओवोजी कंठ बीराजी दूलड़ी लाना, दूलड़ी में बीरा मेरे मोती पीरोना संग में लाना चन्द्रहार,

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Bhat Bharan Aayo Re Jaman Jayo

७. भात भरण आयो म्हारो रे जामण जायो, तारां जड़ी ल्यायो चुनड़ी फुल्यो न समायो म्हारो मनड़ो उमायो, बाई हीरां बीच लाल जड़ी – २ नौलख हीरा चुनड़ी जडावै, दसलख मोतीड़ा चमकै – २ सवा लाखको ओढरे गोरवरु घुंघट पर चन्दा चमकै – २ हियो हरषावै उर आनन्द समावै, जद बीरो जी ओढावै चूनड़ी, फूल्यो

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Kunku Bhariyo Chopdo

(लय- उमराव) कुंकु भरीयो चौपड़ो मोत्यां भरीयो थाल ।  बिरोजी बेगा भात भरणन आवो म्हारा राज ॥ बिरोजी बेगा आइज्यो, भावज ल्याज्यो साथ  बिरो जी प्यारा भाई भतीजा न ल्यावो म्हारा राज  थे बिरा उमराव घणां, सगला में सीरदार  बिरोजी म्हारो मान बढ़ावण आज्यो म्हारा राज  चम चम चमके चून्दड़ी, चमके बाइजी रो बीर  बिरो

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