Mata Ji

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Sarswati Vandana,He Swar Ki Devi Ma

तर्जः होठों से छू लो. हे ! स्वर की देवी माँ, संगीत की शिक्षा दो, एक गीत सुनाना है, वाणी में मधुरता दो।। हे! स्वर…. अज्ञान ग्रस्त होकर, क्या गीत सुनाऊँ मैं, टूटे हुए शब्दों से, क्या भजन बनाऊँ मैं, गीतों के खजाने से, एक गीत की भिक्षा दो।। हे! स्वर…. सरगम का ज्ञान नहीं, […]

Mata Ji, Sarswati Vandana

Sarsvati Vandana, सरस्वती वंदना

प्रथम वंदना गुरु करा, द्वितीय मनाया गणेश, शारदा का करें सिमरन, मेंरे कंठ करो प्रवेश  देवी विद्या की (तर्ज : धरती धोरां री…..) देवी विद्या की – 3 माता सरस्वती गुण गाऊँ, तेरे चरणों शीष झुकाऊँ तुम से बुद्धि का वर चाहूँ, देवी. 11 वेद पुराण तेरा यश गाये-2 तेरी महिमा वरणी ना जाये, तेरे

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Araji The Mhari Sunlyo

(लय -अपने पिया की मैं तो बनी रे दुल्हनिया) मोरखाना रा माजिसा अरजी थे म्हारी सुणल्यो, मोरखाना रा माजीसा आओ पधारो म्हारे आंगणिये, हो म्हारे आंगणिये ।। टेर।। म्हारा मोरखाना रा. आशा रो विश्वास लिया, बाँट थारी जोवा हां माजीसा तो आसी रे आसी, करता दिन खोवां हां। हो मैय्या रात्याँ बीताऊँ, करके जागणियां, म्हारा

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Osiya Wali Ko Mai Chunadi Chadhaunga.

तर्ज : तुम तो ठहरे परदेशी. ओसीयावाली माता को, चुनड़ी में चढाऊंगा, उनकी प्यारी सूरत को, मन में मैं बसाऊंगा।। चुनड़ी के तारे तो चम चम चमकतें हैं 2 लाल लाल चुनड़ी में, गौटा भी लगाऊंगा ।।1।। 2 कानों में मैय्या तो कुंडल पहनती हैं गोरे – गोरे 2 गोरे – गोरे हाथों में, मेंहदी

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Thane Palaka Me Bithalya,

तर्ज : थाने काजलियो बनाल्यूँ, थांने पलकां मं छिपाल्यां, थाने हिवड़े मं बसाल्यां माँ, म्हारे स दूर कैयां रहोला, ओऽऽऽ ।। टेर।। अन्तरा थारे पगल्यां री पायल बण ज्यावांला, बण कर नारियल भेंट चढ़ ज्यावांला, ओऽऽऽ थारे भगतो से दूर दूर, “कैया ज्यावोला जी”-2 थारी रोली मे बस ज्यावां, थारी मोली मं गुथ ज्यावां ।।

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Sun Sun A Mhari Sachhiya

सुण सुण ए म्हारी संच्चिया (तर्ज : उड़ उड़ रे म्हारा) सुण सुण ए म्हारी संच्चिया माता। म्हें तो थारो मेलो देखण आंवाला।। मंदरिये में भजन सुणावांला । हाथां मेंहदी थारै रचावां रोली को टीको लगावांला, मंदरिये में.  अष्टमी ने थांरी रात जगावां, नवमी ने धोक लगावांला, मंदरिये में.  चुन चुन कलियां बागा स्यू ल्याया,

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Paglya Mand Dyo Mata Ji Mhare Aangane Re May

(लय- नीम री निमोली म्हार अड़ अड़ जाय) पगल्या मांड दयो माताजी मारे आंगणिये रे मांय-२ जन्म  जन्मरा पाप म्हारा सब मिट जाए -२/ पगल्या मांड दयो माताजी — आप पधारो मैया ठाकुर जी ने ल्याओ -२ बंसी बजवा दयो, बंसी बजवा दो माताजी मारे आंगणिये र मांय, जन्म जन्म रा— आप पधारो मैया  ब्रह्मा

Aarti, Mata Ji

Bhor Bhayi Din Chadh Gaya Meri Ambe Aarti Jai Ma

भोर भई दिन चढ़ गया मेरी अम्बे, होरही जय जय कार मंदिर विच आरती जय मां,हे दरबारा वाली आरती जय मां,ओ पहाड़ा वाली आरती जय मां । १.काहे दी मैया तेरी आरती बना वा, काहे दी पावा विच बाती मंदिर विच, आरती जय मां । सुहेल चोलिया वाली,आरती जय मां हे पहाड़ा वाली आरती जय

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Janm Janm Ka Sath Hai Tumhara Hamara

(तर्ज : जन्म जन्म का साथ./ जन्म जन्म का साथ है, हमारा तुम्हारा, तुम्हारा हमारा। करेगें सेवा हर जीवन में, पकड़ो हाथ हमारा। जब भी जन्म मिलेगा, सेवा करेंगे तेरी। करते हैं तुमसे वादा, शरण रहेगें तेरी।। हर जीवन में बनकर माता, देना प्यार तुम्हारा ।।1।। दुनियां बनाने वाली, ये सब है तेरी माया। सूरज

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Navratro Ke No Dino Me

नवरात्रों के नो दिनों में (तर्ज : जपूं माला……..) नवरात्रों के नो दिनों में, मांग रहा वरदान, पूजा करता रहूं हमेशा, हटे कभी ना ध्यान, जपूं माला, जपूं माला ।। पहला वर भक्ति का देना, मन में तुम्हें बिठाऊं, दूसरा वर शक्ति का देना, काम सभी के आऊ, मात पिता की करूं मै सेवा, तीसरा

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