Sarswati Vandana,He Swar Ki Devi Ma
तर्जः होठों से छू लो. हे ! स्वर की देवी माँ, संगीत की शिक्षा दो, एक गीत सुनाना है, वाणी में मधुरता दो।। हे! स्वर…. अज्ञान ग्रस्त होकर, क्या गीत सुनाऊँ मैं, टूटे हुए शब्दों से, क्या भजन बनाऊँ मैं, गीतों के खजाने से, एक गीत की भिक्षा दो।। हे! स्वर…. सरगम का ज्ञान नहीं, […]