Bhat Bharan Mharo Viro Aayo
(लय – खड़ी नीम के नीचे मै तो एकली) भात भरण म्हारो वीरों आयो,मंगल मुहूर्त शुभ घड़ी, घर र द्वारे बहन उतारे, आओ आरती खड़ी खड़ी, सोने केरो सूरज उगीयो बाबूजी र राज जी- २, पीहरीय रो सूरज उगियो आंगणीये महार आज जी, मांको जायो लेकर आयो झिलमिल तारा की चुनडी —– इण चुनड़ र […]