Pita

Beta, Beti, Mata Ji, Pita

Beti

घर की सब चहल पहल है बेटी ।  जीवन में खिला कमल है बेटी !! कभी फागुनी धूप सुहानी कभी चाँदशीतल है बैटी  शिक्षा गुण संस्कार रोप दो फिर बेटो सी सबल है बेटी, दो सहारा  गर विश्वासका तो पावन गंगाजल है बेटी प्रकृति के सद्‌गुण को सीचो तो निर्मल निश्चल है बेटी   क्यों डरते […]

Mata Ji, Pita

Ye To Sach Hai Ki Bhagwan Hai

यै तो सच है कि भगवान है है मगर फिर भी अनजान है धरती के रूप  माँ बाप का उस विधाता की पहचान है ①जन्म दाता हैवो जो नाम जिनसे मिला,  थामकर जिनकी अंगुली है बचपन  चला  कंधे पर बेठकर जिनके देखा जहाँ  ज्ञान जिनसे मिला क्या भला क्याबुरा  इतने उपकार है क्या कहे, ये

Guru, Mata Ji, Pita

Milate Soubhagy Se Mata,, Pita Aur Guru

(लय- कभी प्यासे को पानी पिलाया नहीं) माता पिता और गुरु  मिलते सौभाग्य से माता पिता और गुरु उनके उपकार को तुमभुलाना नही  भाव सेवाका मन में भावित रहे उनके दिल को कभी भी दुखाना  नहीं  ① जन्मदाता है वो पालन पोषण करें ज्ञान देकर  जीवन सवारे सदा  मान अभिमान वश उनका अपमान कर बूढी

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