Beti
घर की सब चहल पहल है बेटी । जीवन में खिला कमल है बेटी !! कभी फागुनी धूप सुहानी कभी चाँदशीतल है बैटी शिक्षा गुण संस्कार रोप दो फिर बेटो सी सबल है बेटी, दो सहारा गर विश्वासका तो पावन गंगाजल है बेटी प्रकृति के सद्गुण को सीचो तो निर्मल निश्चल है बेटी क्यों डरते […]