Tap Ki Mahima Anupam Jag Me
तप की महिमा अनुपम जग में (तर्ज – दिल लुंटने वाले जादूगर…. ) रचयिता : साध्वी अणिमाश्री तप की महिमा अनुपम जग में, सब तप का गौरव गाते हैं। तप की नौका में बैठ सभी, इस भव-जल को तर जाते हैं। है तेज भरा तप में अद्भुत, तप जीवन को चमकाता है । कर्मों का […]