Tapasya (तपस्या)

Mahapragya

Mahapragy Abhivandana (Kavita)

महाप्रज्ञ के अभिनन्दन में क्या उपहार चढाऊं तन -मन-जीवन किया समर्पित, सत-संस्कार जगाऊं  कालू कर से तुमने पाई, संयम सुर तरू छाया तुलसी के चरणों में तुमने ज्ञान  सुधारस पाया  जीवन की वे स्वर्णिम, घड़ियां मैं कैसे बतलाऊं  सृजनशीलता अनुपम, अद‌भुत, काम कमाल किया है संस्कृत, प्राकृत, हिन्दी का साहित्य विशाल किया है महाप्रज्ञ की […]

Guru

Jay Shanti Doot

 (तर्ज-दिल लूटने वाले जादूगर) जय शांति दूत भारत सुपूत जय हो जय हो जय हो  जय तप पूत  अनुभव प्रसूत जय हो जय हो जयहो जब -2 भी हुई धर्मग्लानि तब-र महापूरुष यहाँ आये  अणु से महान लघु से प्रधान वे सिंधू बिंदू से बन पाये इतिहास दे रहा ये सबूत  जय हो जय हो

Adhyatmik, Nirgun Bhajan, Satsang, Vairagya

Bada Dukh Paya Re Tujhko Bisar Ke

(लय- छुप गया कोईरै) बड़ा दुख पाया रे तुझको बिसार के  रंग अनोखे देखें, इस संसार के भूले उपदेश तेरा ये, जगवासी,  चोला अनमोला खोये बनकर विलासी  कर्मों की वीणा बाजे पापों के तार से ।। भटके पथिक अब हुए हैं. दीवाने गकर्म की गति को कोई नहीं पहिचाने    प्यासे है सब तेरी अमृत सी

Guru

Aaye Hai Guru Charno Me (Araj Gyanshala)

 आए है हम गुरु चरणों में दर्शन कर हर षाये है ज्ञानशाला के बच्चे  भारत के दिल से आएहै ① हम बच्चे सौभागी कितने, महावीर शासन पाया  महाश्रमण गुरु देव का रहता हम पर नित साया महाश्रमणी श्री विश्रुतविभा जी आपके दर्शनपाये है ② देव हमारे है अरिहंत महा श्रमण गुरुवर का नाम  धर्म हमारा

Guru

Jay Jeevan Data Guruvar

(लय – ऐ मेरे वतन के लोगो) जय जीवन दाता गुरुबर जय श्रमण संघ सेनानी । जय जय जय जय ज्योतिरधर जय महापुरुष अवदानी ।। ① युग बोध हुआ धुंधला सा स्वार्थो के  घन मंडराए। संवेदन नयन मुंदे जब तुम दिनमणि बनकर आए।  युग-२तक अमर रहेगी, पौरुष की अमर कहानी ।। ② जब व्यथित बनी

Adhyatmik, Nirgun Bhajan, Satsang, Vairagya

Meettho Meettho Bol Tharo Kai Bigade

(तर्ज-धीरे-2 बोल कोई सुन ना ले) मीठो-२  बोल थारो काई बिगड़े ,काई बिगडै़ थारो काई बिगडै़-३  इस दुनियां में गम नहीं ,कब निकले प्राण मालुम नहीं   सोच समझ लेना तु ये संसार  खाली झोली मत भरना तु यार  तु जान ले पहचान ले, संसार किसी का घरनहीं कब निकले प्राण मालूम नही भूल गया  क्यों

Adhyatmik, Nirgun Bhajan, Satsang, Vairagya

Is Madhur Jingani Ka Bharosa Nahi

( तर्ज – तुम अगर साथ देने का वादा करो) इस मधुर जिन्द‌गानी का भरोसा नहीं । कोन जाने ये पंछीकब उड़‌ जायेगा  तेरा वश न चलेगा कोई भी वंहा काल जब सिर पे आकर के मंडरायेगा ये मानव का भव् है बड़ा कीमतीपुण्य काहोउदय  तब कहीं ये मिले गर विषय‌वासनाओं में डूबे रहे पाप

Mahapragy

Mahapragy Guruvar Ka Divya Vardan Hai

(Lay-jhilmil Sitaro Ka Aangane Hoga) महाप्रज्ञ गुरुवर का, दिव्य वरदान हैं।  परम पवित्र प्रेरक, पथ प्रेक्षाध्यान है ।।  चेतना को जाग्रत करके, भाव शुद्ध भरिए  खुशी का खजाना है ये प्रेक्षाध्यान करिए   प्रेक्षाध्यान, प्रेक्षाध्यान , प्रेक्षाध्यान करिए श्वास प्रेक्षा अनुप्रेक्षा और लेश्या ध्यान से।  कायोत्सर्ग अंतर यात्रा, उपसंपदा के ज्ञान से ।।  स्वयंसे स्वयं

Guru

Jai Jeevan Data Guruvar

(लय-  ऐ मेरे वतन के लोगो) जय जीवन दाता गुरुवर जय श्रमण संघ सेनानी ।, जयजय जय जय ज्योर्तधर जय महापुरुष अवदानी ॥ ① युग बोध हुआ धुंधला सा स्वार्थो के घन मंडराए। संवेदन नयन मुंदे जब तुम दिनमणि बनकर आए। युग त क अमर रहेगी, पौरुष की अमर कहानी।। ② जब व्यथित बनी मानवता,

Guru

Aaye Hai Ham Guru Charanoñ Me

(लय- ब्याव बिननी बिलखु) आए है हम गुरु चरणों में दर्शन कर हर्षाए है  ज्ञानशाला के बच्चे भारत के दिल से आए है  ① हम बच्चे सौभागी कितने महावीर शासन पाया  गुरु वर महाश्रमण का रहता हम पर नित साया  महाश्रमणी श्रीविश्रुत विभा जी तेरेदर्शन पाऐ है  ② देव हमारे है अरिहंत महाश्रमण गुरवर का

Scroll to Top