Varshitap

Bhachya, Tapsyageet, Varshitap

Bhari Hai Samta Jivan Me, Varshitap Geet

(लय-चुड़ी जो खनकी) भरी है समता जीवन में, किया काम बड़ा ही कमाल देखो इस परिकर में 1. कहने में आसान लगे, करने पर ही पता चले,  मन पर जीत करे जो भी, पाए मंजिल वो पहले वर्षीतप का जीवन में, किया काम बडा ही कमाल इस परिकर में। 2. दृढ़ता और विश्वास रखा, संयम […]

Bhachya, Tapsya Geet, Varshitap

Abhinandan Varshitap Ro

(लय-बादलियो आंखडल्या) अभिनंदन वर्षीतप तप रो, सब मिल मंगल गावांला, आंगन में।  अभिनंदन तपसी रे तप रो, तप री, अलख जगावालां परिकर में।।  सब मिल मंगल गावाला आंगन में,। 1. वर्षीतप रे शुभ अवसर पर, फेल्यो तप रो च्यानणों,  उल्लासां स्यु भरग्यो म्हारों, आज पूरा आंगणियो  नयो उजाला आवैला कण-कण में।। सब मिल मंगल गावांला

Bhachya, Tapsya Geet, Varshitap

Mangal Geet Sunayenge, Varshitap Geet

(लय-यह भारत देश है) रंग बिरंगी तप सुमनों से, सुरभित दशों दिशाएं। लो मंगल गीत सुनाएं।। 1. हर फूल खिला, हर कली खिली, वरसा वर्षीतप सावन, जुही चंपा और चमेली, बना गुलाब यह शतदल। भीनी भीनी सौरभ से, गाती है गीत हवाएं। 2. नन्दनवन के इस उपवन में, बहते तप के झरने, तप गंगा में

Bhachya, Tapsya Geet, Varshitap

Tap Ki Aavaj, Varshitap Geet

(लय -मेरे सर पर रख दो) तपस्वी के कण-कण में गूंजे तप की ही आवाज,  खूब बधाई लीजिये, तुम पर हमको नाज,  वर्षीतप मंगल मंगल, तपस्या संबल संबल ।। 1. तप से आती तरुणाई, उससे तन मन स्वस्थ रहे, प्रतिदिन जिनके चले दवाई, वे भी तन में मस्त रहे।  यह जीर्ण रोग भी मिटते, है

Adinath, Bhachya, Tapsya Geet, Varshitap

Avasar Aaya Hai, Akshay Tritiya

अवसर आया है अवसर आया है अवसर आया है अक्षय तृतीया आज मनाएं तप की महिमा खूब बढ़ाएं प्रभु चरणों में भेंट चढ़ाएं १. मरुदेवा पाता के नन्दन। नाभिराज के तुम कुल चन्दन। श्रद्धा से हम करते वन्दन ॥ २. कर्म भूमि के प्रथम प्रणेता। प्रथम महीपति, युग के नेता। वने प्रथम मुनि आत्म विजेता

Tapsya Geet, Varshitap

Akshay Tritiya Ka Su Pawan Parv Aagaya

अक्षय तृतीया का सुपावन पर्व आ गया ।  दे रहा-२, संदेश तप का हर्ष छा गया ॥ १. प्रथम तीर्थकर ऋषभ भगवान मुनि बन कर।  आहार पानी के लिए वे घूमते घर-घर।  अन्त में-२, श्रेयांस सारा राज पा गया ॥ २. मात्र भिक्षा ग्रहण करना चाहते बाबा।  लोग देते जो, नहीं वो चाहते बाबा । 

Bhachya, Tapsya Geet, Varshitap

Aaya Shubh Avsar Ye Aao Kare Bahuman

(लय-मुझसे जुदा होकर) आया शुभ अवसर ये, आओ करे बहुमान ।  अभिनंदन वर्षीतप का, गाएं मिलकर गुणगान। । वंदना, तप को मेरी वंदना साधना तप है कठिन साधना 1. वर्षीतप का तप है, तपस्या का रंग चढ़े,  भाभी वर्षीतप कर, दो कुल पर कलश चढ़े  तू धार सके तो धार, तप है जीवन का सार

Bhachya, Tapsya Geet, Varshitap

Rang Birange Tap Sumano Se , Varshitap

(लय-यह भारत देश है) रंग बिरंगी तप सुमनों से, सुरभित दशों दिशाएं। लो मंगल गीत सुनाएं।। 1. हर फूल खिला, हर कली खिली, वरसा वर्षीतप सावन, जुही चंपा और चमेली, बना गुलाब यह शतदल। भीनी भीनी सौरभ से, गाती है गीत हवाएं। 2. नन्दनवन के इस उपवन में, बहते तप के झरने, तप गंगा में

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