Mata Ji

Nodin ,No Din ,Nodin Maiya Ji Tumhe No Din Mubarak Ho

लय-bana rang phoole gulabi bani ko rang kesriya 9 दिन ,9 दिन, 9 दिन मैया जी तुम्हें 9 दिन मुबारक हो ,तुम्हें 9 दिन मुबारक हो  शीश मैया जी तेरे मुकुट है सोहे बिंदिया ,बिंदिया ,बिंदिया  मैया जी तुम्हें बिन्दिया मुबारक हो  कान मैया के कुण्डल सोहे,झूमर,झूमर,झूमर मैया जी तुम्हें झूमर मुबारक हो  गले मैया […]

Mata Ji

Sab Milkar Bajao Tali

(लय-जिस के ह्रदय में हरि स्वयं बंद है) सब मिलके बजाओ ताली,मेरी मैया करेगी रखवाली -२ अंदर मां का भवन ,नीचे भक्त खडे ,ऊपर भैरव बाबा बलशाली ,मेरी मैया करेगी रखवाली । यहां ब्रह्मा भीहै, यहां विष्णु भीहै -२,यहां भोले बाबा बलशाली ,मेरी मैया करेगी रखवाली । मां को ऐसे सजाओ जैसे कोई ना सजा-२

Mata Ji

Ma Sher Pe Aati Ho, मां शेर पे आती हो

सावन में महादेव,भादौ आये गणेश, अब आ रही है दुर्गा मैया हरने सभी क्लैश। मां शेर पर आती हो बड़ी सुन्दर लगती हो, कहते रहो, जय मां कहो ,अच्छा लगता है ,जीवन का हर सपना अब सच्चा लगता है । मां चरण धुलाऊं जब तक , हां जब तक,  मेरे सीनेमें सांस रहेगी तब तक,

Dance, Geet, Marwari Lokgeet, Rajasthani

Tavda Dhimo Pad Jya Re

TAWDA DHEEMO PAD JYA RE  तावड़ा  धीमो   पड़  ज्यां  रे,  तावड़ा  मंदो  पड़  जा रे सूरज बादल छिपज्या रे   म्हारी गौरी रो नाजुक जीव,किरण बादल म बड़ज्या रे  तू म्हारी गौरी बण बादली ,म्हे पंछी बण  जाउ …2  पंछी बणकर फर- फर बादल म रम जाऊ  तावड़ा  धीमो …….  थे म्हारा  सायब बणो समन्दर  म्हे

Mata Ji, Sarswati Vandana

Sarsvati Vandana, सरस्वती वंदना

प्रथम वंदना गुरु करा, द्वितीय मनाया गणेश, शारदा का करें सिमरन, मेंरे कंठ करो प्रवेश  देवी विद्या की (तर्ज : धरती धोरां री…..) देवी विद्या की – 3 माता सरस्वती गुण गाऊँ, तेरे चरणों शीष झुकाऊँ तुम से बुद्धि का वर चाहूँ, देवी. 11 वेद पुराण तेरा यश गाये-2 तेरी महिमा वरणी ना जाये, तेरे

Mata Ji

Sarswati Vandana,He Swar Ki Devi Ma

तर्जः होठों से छू लो. हे ! स्वर की देवी माँ, संगीत की शिक्षा दो, एक गीत सुनाना है, वाणी में मधुरता दो।। हे! स्वर…. अज्ञान ग्रस्त होकर, क्या गीत सुनाऊँ मैं, टूटे हुए शब्दों से, क्या भजन बनाऊँ मैं, गीतों के खजाने से, एक गीत की भिक्षा दो।। हे! स्वर…. सरगम का ज्ञान नहीं,

Mata Ji

Araji The Mhari Sunlyo

(लय -अपने पिया की मैं तो बनी रे दुल्हनिया) मोरखाना रा माजिसा अरजी थे म्हारी सुणल्यो, मोरखाना रा माजीसा आओ पधारो म्हारे आंगणिये, हो म्हारे आंगणिये ।। टेर।। म्हारा मोरखाना रा. आशा रो विश्वास लिया, बाँट थारी जोवा हां माजीसा तो आसी रे आसी, करता दिन खोवां हां। हो मैय्या रात्याँ बीताऊँ, करके जागणियां, म्हारा

Bhajan

Aao Bhakto Tumhe Batau Mahima Rajsthan Ki

आओ भक्तों तुम्हे बताऊं (तर्ज : आओ बच्चो….) आओ भक्तों तुम्हे बताऊं महिमा राजस्थान की, उस मिट्टी को नमन करो, वह धरती देवस्थान की, जय जय राजस्थान…. प्यारा राजस्थान रणथम्भोर में श्री गजानन्द देवों के सिरमोर हैं, पुष्कर में ब्रह्मा का मंदिर, महिमा चारों और हैं, उदयपुर में एकलिंगजी, दर्शक भाव विभोर है, मेवाड़ी मीरां

Mata Ji

Osiya Wali Ko Mai Chunadi Chadhaunga.

तर्ज : तुम तो ठहरे परदेशी. ओसीयावाली माता को, चुनड़ी में चढाऊंगा, उनकी प्यारी सूरत को, मन में मैं बसाऊंगा।। चुनड़ी के तारे तो चम चम चमकतें हैं 2 लाल लाल चुनड़ी में, गौटा भी लगाऊंगा ।।1।। 2 कानों में मैय्या तो कुंडल पहनती हैं गोरे – गोरे 2 गोरे – गोरे हाथों में, मेंहदी

Mata Ji

Thane Palaka Me Bithalya,

तर्ज : थाने काजलियो बनाल्यूँ, थांने पलकां मं छिपाल्यां, थाने हिवड़े मं बसाल्यां माँ, म्हारे स दूर कैयां रहोला, ओऽऽऽ ।। टेर।। अन्तरा थारे पगल्यां री पायल बण ज्यावांला, बण कर नारियल भेंट चढ़ ज्यावांला, ओऽऽऽ थारे भगतो से दूर दूर, “कैया ज्यावोला जी”-2 थारी रोली मे बस ज्यावां, थारी मोली मं गुथ ज्यावां ।।

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