Mata Ji

Sun Sun A Mhari Sachhiya

सुण सुण ए म्हारी संच्चिया (तर्ज : उड़ उड़ रे म्हारा) सुण सुण ए म्हारी संच्चिया माता। म्हें तो थारो मेलो देखण आंवाला।। मंदरिये में भजन सुणावांला । हाथां मेंहदी थारै रचावां रोली को टीको लगावांला, मंदरिये में.  अष्टमी ने थांरी रात जगावां, नवमी ने धोक लगावांला, मंदरिये में.  चुन चुन कलियां बागा स्यू ल्याया, […]

Mata Ji

Paglya Mand Dyo Mata Ji Mhare Aangane Re May

(लय- नीम री निमोली म्हार अड़ अड़ जाय) पगल्या मांड दयो माताजी मारे आंगणिये रे मांय-२ जन्म  जन्मरा पाप म्हारा सब मिट जाए -२/ पगल्या मांड दयो माताजी — आप पधारो मैया ठाकुर जी ने ल्याओ -२ बंसी बजवा दयो, बंसी बजवा दो माताजी मारे आंगणिये र मांय, जन्म जन्म रा— आप पधारो मैया  ब्रह्मा

Aarti, Mata Ji

Bhor Bhayi Din Chadh Gaya Meri Ambe Aarti Jai Ma

भोर भई दिन चढ़ गया मेरी अम्बे, होरही जय जय कार मंदिर विच आरती जय मां,हे दरबारा वाली आरती जय मां,ओ पहाड़ा वाली आरती जय मां । १.काहे दी मैया तेरी आरती बना वा, काहे दी पावा विच बाती मंदिर विच, आरती जय मां । सुहेल चोलिया वाली,आरती जय मां हे पहाड़ा वाली आरती जय

Mata Ji

Janm Janm Ka Sath Hai Tumhara Hamara

(तर्ज : जन्म जन्म का साथ./ जन्म जन्म का साथ है, हमारा तुम्हारा, तुम्हारा हमारा। करेगें सेवा हर जीवन में, पकड़ो हाथ हमारा। जब भी जन्म मिलेगा, सेवा करेंगे तेरी। करते हैं तुमसे वादा, शरण रहेगें तेरी।। हर जीवन में बनकर माता, देना प्यार तुम्हारा ।।1।। दुनियां बनाने वाली, ये सब है तेरी माया। सूरज

Mata Ji

Navratro Ke No Dino Me

नवरात्रों के नो दिनों में (तर्ज : जपूं माला……..) नवरात्रों के नो दिनों में, मांग रहा वरदान, पूजा करता रहूं हमेशा, हटे कभी ना ध्यान, जपूं माला, जपूं माला ।। पहला वर भक्ति का देना, मन में तुम्हें बिठाऊं, दूसरा वर शक्ति का देना, काम सभी के आऊ, मात पिता की करूं मै सेवा, तीसरा

Bana Bani, Bani, Shadi, Vivah Geet

Bani Ke Mukhade Ki Chavi Nyari

 बनी क मुखड़े की  छवि न्यारी ,  बनी क मुखड़े की  छवि न्यारी ,बनी लागे सबसे न्यारी -२  बनी का मेहंदी राच्या  हाथ बनी म्हाणे प्यारी लागे  बनी री    हिरणी जैसी चाल  घनी मतवाली लागे  ,बनी  को घणो सोहणो रूप ,जाने सावनियारी  धुप -२  बनी तो परिया रि महा रानी ,रूप की रानी लागे मीठा

Mata Ji

Aasoj Ka Mahina Navratri Ki Dhum Dham

(तर्ज : सावन का महीना…..) आसोज का महीना, नवरात्रि की धूमधाम । भक्तो के संग चालो, माँ सांचल के दरबार ।। भक्तो के संग चालो, माँ सांचल के दरबार।। शीश मुकुट माँ के, छत्र विराजै, कानों में कुन्डल माँ के, गले हार साजै। माँ के दर्शन करके, सब भक्त करै जयकार ।।1।। भक्तो के संग…..

Mata Ji

Maiya Ji Se Milne Ka,

मैय्या जी से मिलने का (तर्ज : बाबुल का ये घर….). मैय्या जी से मिलने का, नवरात्री बहाना है, दर्शन करने को हमें, ओसियां जी जाना है ।। सूरज में ढूंढा उन्हें, चंदा में पाया है, तारों की झिलमिल में, मेरी मैय्या का ठिकाना है।। महलों में ढूंढा उन्हें, मंदिरों में पाया है, ओसियां के

Mata Ji

Kabhi Durga Banke Kabhi Kali Banke

कभी दुर्गा बनके, कभी काली बनके  कभी दुर्गा बनके कभी काली बनके चली आना मैय्या जी, चली आना 2 तुम दुर्गा रूप में आना, सिंह साथ लेके, चक्र हाथ लेके चली आना मैय्या जी, चली आना 2 तुम काली रूप में आना, खप्पर हाथ लेके, योगिन साथ लेके, चली आना मैय्या जी, चली आना 2.

Mata Ji

Durga Hai Nam Tera,”

(तर्ज : कभी राम बनके……) दुर्गा नाम तेरा हे, काली नाम तेरा है, लाज सब की बचाना, मैय्या काम तेरा है ।। जब भक्तों पे संकट है आये, अपने आंचल में हमको सुलाये, दुर्गा नाम तेरा है, काली नाम तेरा है, पार सब को लगाना, मैय्या काम तेरा है ।। 1 ।। तूं तो देती

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