यह जैन तपस्या और अनुमोदना के अवसरों पर गाया जाने वाला आध्यात्मिक गीत है। A spiritual song for Jain Tapasya and Anumodana.
सबका मंगल होय रे
तेरा मंगल, मेरा मंगल सबका मंगल होय रे
सबका मंगल सबका मंगल सबका मंगल होयरे
जिस जननी ने जन्म दिया है उसका मंगल होयरे
जिस गुरु ने ज्ञान दिया है उसका मंगल होयरे
जिस पिताने पाला पोसा उसका मंगल होय रे
इस जगत के सब दुखियारे प्राणी का मंगल होय रे
जल में थल में और गगन में सबका मंगल होय रे अन्तर्मन की गांठे टूटे अन्तर मंगल होय रे
राग दैष और मोह मिट जाये शील समाधि होय रे
शुद्ध धर्म धरती पर जागे पाप पराजित होयरे
इस धरती के तर तिन कण -2 में धर्म समोय रे
शुद्ध धर्म जन र में जागे घर-२ शांति होय रे
तेरा मंगल, मेरा मंगल सबका मंगल होय रे