रंग बिरंगी राखी लेके आई बहना
ओ राखी बंधवा ले मेरे वीर
मैं ना चांदी ना सोने के हार माँगू
मैं ना चांदी ना भैया सोने के हार माँगू
अपने भैया का थोड़ा सा प्यार माँगू थोड़ा सा प्यार माँगू सोना हज़ार माँगू इस राखी में प्यार छुपा के लाई बहना
नीले अम्बर से तारे उतार लाऊँ
नीले अम्बर से भैया तारे उतार लाऊँ
या मैं चंदा की किरणों के हार लाऊँ किरणों के हार लाऊँ,
हँसती बहार लाऊँ प्यार के बदली बन-बन के लहराई बहनाकभी भैया ये बहना ना पास होगी
कभी भैया ये तेरी बहना ना पास होगी
कहीं परदेस बैठी उदास होगी बहना उदास होगी,
मिलने की आस होगी
जाने कौन बिछड़ जाए कब भाई बहना