Author name: Sunita Dugar

Tulsi

He Ganadhipati

(लय : होठो से छु लो तुम) हे गणाधिपति गुरुदेव, तुझे समझ नहीं पाये।  हे महाप्राण गुरुदेव, क्या महिमा बतलाये।  हे भिक्षु भक्त तुलसी, क्या गण गरिमा गाये अंतरा बालक वय में तुमने परिवार को त्याग दिया, यौवन वय में तुमने गण को संभाल लिया। अपने पद को तुमने जीते जी त्याग दिया ॥ हे […]

Tulsi

Jago Re Jago Re

(लय : उड-उड रे म्हारा काला रे कागला) जागो रे जागो रे जागो रे म्हारा सोया सुवटिया  नित उठ तुलसी भजन करो।  सांझ सबेरे तुलसी भजो ॥ मन मन्दिर में तुलसी बिराजै।  श्रद्धा सुमन चढ़ालै जीवड़ा ॥ नित उठ .. ॥१ ॥ तुलसी मन्त्राक्षर है साचो  जप स्यू भव तर जारे जीवड़ा ॥ नित उठ

Tulsi

Mhari Naiya Khevan Haar Guruvar Tulasi Gani

म्हारी नैया खेवणहार तुलसी लय : म्हारी नैय्या खेवणहार गुरुवर तुलसीगणी म्हारी नैय्या खेवणहार गुरुवर तुलसीगणी,  म्हारा मोहन मुक्ताहार गुरुवर तुलसीगणी। तुलसीगणी म्हारा हार हियारा,  तुलसीगणी म्हारा नयन सितारा,  च्यार तीरथ रा आधार गुरुवर तुलसीगणी ॥ स्थायी ॥ झुमरमलजी रा कुल उजियारा,  माँ वदना रा लाल दुलारा  सारै भूतल में गुलजार, गुरुवर तुलसीगणी ॥१ ॥

Tulsi

Ladnun Ro Heero

(लय : अपने पिया की) चमकै दुनियाँ में देखो, लाडनूं रो हीरो ओ…  चमकै दुनियाँ में देखो, लाडनूं रो हीरो  ओ लाडनूं रो हीरो लाडांजी रो वीरो,  देखो लाडनूं रो हीरो चमकै..  देखण नै लोग आवै, हिन्दुस्तान स्यूं, इटली ताइवान स्यूं, लंदन जापान स्यूं और सकल जहान स्यूं, देखन लाडनूं रो हीरो ॥ स्थायी ॥

Tulsi

Tulsi Tera Nam

(लय : एक तेरा साथ) तुलसी तेरा नाम-२ हमको प्राणों से भी प्यारा है। अंधियारे में उजियारा है देकर नव आयाम-२ जगाया सोया शौर्य हमारा है ॥ टेर ॥ १. तुम चले जिस राह उस राह पर गुरुवर,युगों तक जग चले।  न पंथ का झगड़ा,न छोटा या बड़ा, सभी इक छत तले। हो…  ओ युग

Tulsi

Jay Jay Shree Tulasi Guruvar

जय जय श्री तुलसी गुरुवर (लय : ऐ मेरे वतन के लोगों..) जय जय श्री तुलसी गुरुवर ! तुम राष्ट्र संत कहलाए। मानव को राह दिखाने, तुम दीप शिखा बन आए १. पावन है नाम तुम्हारा, पावन है आत्म कहानी,  पावन बन जग में छाए, तुम तप की अमर निशानी।  ले तेरा पुण्य सहारा, हम

Bhikshu Swami

Ikshu Ras Ke Jaisa Bhikshu Nam Tera

इक्षु रस के जैसा भिक्षु नाम तेरा ।  केलवा के योगी लो प्रणाम मेरा ॥  तू प्रखर दिवाकर मै सघन अंधेरा बल्लुशा के लाडले, दीप दीपा मात के  केलवा के केवली धनी अपनी बात के  स्वर्ग छोड़ मेरे मन में कर बसेरा,  तेरापंथ स्वामी तब सुखो का मूल है।    तेरापंथ में कही शूल है

Jain Bhajan

Duniya Me Mantra Aneko Hai

दुनिया में मंत्र अनेको है नवकार मन्त्र का क्या कहना  इस महामंत्र का क्या कहना, नवकार मंत्र का– ① गणधर गौतम इसको जपते  साधु श्रावक इसमे जपते यह कामधेनु यह कल्प वृक्ष  इसकी महिमा का क्या कहना  ② प्रातः उठकर सब ध्यान घरे  पल-2 में इसको हम समरे  सब पाप ताप संताप ह रे इस

Bhikshu Swami

Kantaliya Gaya Hai Kya

 कंटालिया गया है क्या? सिरीयारी गया है क्या,  हो मितवा रे  कुछ भीनही पता रे ,मितवा कुछ भी नही पता,  ऊं भिक्षु जय भिक्षु ओ मितवा रे जपले यही सदा ( ) हो मितवा होगा तेरा भला ① क्या कभी तूने देखी अपने बाबा  की सूरत हो हो हो– हाँ अभी मैने देखी अपने बाबा

Bhikshu Swami

Teras Ri Hai Rat

तेरस की है रात, बाबा आज थाने आणो है-2  ओ कोल निभाणो है, तेरस री है रात बल्लू कुल रो लाल-2 माता दीपारो दुलारोहै- हो हार हिया रो हैं, तेरस री है रात घर-2 थे भटक्या हाँ, जग्या नहीं मिली शमशान में वास कियो – २ अंधेरी ओरी में चांदणियो कर दिन्यो यक्ष नै मात

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