Author name: Sunita Dugar

Bhikshu Swami

Bikshu Baba Kripa Karo

-: भिक्षु बाबा कृपा करो :- लय : परदेशी परदेशी जाना नहीं. भिक्षु बाबा, भिक्ष बाबा, कृपा करो, कृपा करो दास पर, इस दास पर, इस ओ भिक्षु मेरे बाबा, दास पुकारे, भक्तों की नैया बाबा तेरे सहारे ॥ ध्रुव ॥ मोह माया के जाल में ऐसे जकड़े हैं,  काम क्रोध मद, लोभ के पाये […]

Bhikshu Swami

Om Bhikshu Om Bhikshu Swam

-: ऊँ भिक्षु ऊं भिक्षु :- (लय : छोटी-छोटी गैया..) ॐ भिक्षु ऊँ भिक्षु ऊँ भिक्षु स्वाम।  श्रद्धा से हम करें प्रणाम – २  विघ्न हरण मंगलमय नाम ॥आं ॥ बल्लशाह दीपां के लाल,  पाकर प्रभु को हुये निहाल – २  कंटालिय सुखकारी ग्राम ॥१ ॥ श्रद्धा से हम……. अंधेरी ओरी का प्रवास,  यक्ष-राज को

Bhikshu Swami

Mitho Savriya Ro Nam

-: मीठो सांवरिये रो नाम :- (लय : स्वामी भीखणजी रो नाम) मीठो सांवरिये रो नाम, जाणै मिसरी री डली,  सुमरो सुबह और शाम, होसी रंगरली।  चिन्तामणी है, नाम प्रभु रो,  च्यारूं कुंटां फैली सांवरियै री कीरत उजली ॥ १. पूनम नै प्रगटी पुन्याई,  जिन-शासन में आई तरुणाई।  धर्म क्रांति री आ उजली ज्योत एक

Bhikshu Swami

Bhikshu Ko Bhulaye Kaise Bhikshu Nam Pyara Hai

(लय- : जनम स्यू कुंवारों……….) भिक्ष को भूलाएं कैसे ? भिक्षु नाम प्यारा है।  रात की अन्धेरी में वह, दीप सा उजारा है ॥ सत्य को पुकारा जिसने, ज्योती को बुलाया। चेतना का चिन्मय दीपक, जिसने जलाया।  आरती उतारै सौ सौ, वंदन हमारा है ॥ प्रण के लिए जो मरता, वही तो महान है।  खुद

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Babe Ne Manava Gava Geet Gan Ra

-: बाबै नै मनावां :- लय : मेघो छोटो सो ………….. बाबै नै मनावां गावां गीत गण रा,  भिक्षु नै बुलावां गावां गीत प्रण रा,  आओ आरती, आओ आरती उतारां आपां आज,  जय जय जय भिक्षु ॥ १. सिरियारी रो संत म्हारै हिवड़े बसै,  देवै मीठी मीठी धीमी सी आवाज। जय जय जय भिक्षु ॥

Bhikshu Swami

Aao Aao O Bhikshu Aarti Utara

भिक्षू आरती लय : खम्मा खम्मा औ धण्या आओ आओ ओ भिक्षु आरती उतारां  थाने म्है सुमरां सारा, राम नाम ज्यूं धनश्याम नाम ज्यूं, आओ आरती उतारा एक लक्ष्य एक ध्यान, सीख्यो नही रुकणो  वीर वो ही जो न जाणे, विपदा में झुकणो हो..  शंकर ज्यूँ विष भी, पीयो आराम स्यूं…१ साधना के क्षेत्र में

Bhikshu Swami

Ek Bar Aao

एक बार आओ सांवरिया स्वामीजी लय : एक बार आओ म्हारा एक बार आओ म्हारा, सांवरिया स्वामीजी थाने भगत बुलावे दिन रात, आओ म्हारा स्वामी जी । दीपा बाई रो नंदन प्यारो, बल्लुसा रा लाल तेरापंथ संघ रा हो, पहला गणपाल  थारी महिमा फैली च्यारुं कुंट, आओ म्हारा… ॥१॥ वीर प्रभु री वाणी ऊपर, जीवन

Bhikshu Swami

Aao Swamiji Aao Swamiji

आओ स्वामीजी लय : धरती धोरां री आओ स्वामीजी …..३ थाने झाला देर बुलावा, जाजम पलकाँ री बिछावाँ कुंम-कुम पगल्यां स्यूं पधरावां ॥ स्थायी ॥ थांरी पल-पल रटन लगावां, निश दिन पल-पल छिन-छिन ध्यावां । थांरी गौरव-गाथा गावां, आओ स्वामीजी ……३ ॥१ ॥ मानस मंदिर में बिठास्यां, दीया भक्ति रा जलास्यां । म्हारा तन-मन चरण

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Alakh Jagawa Swamiji Re Nam Ri

अलख जगावाँ लय : ले चालू तने खेत में अलख जगावाँ स्वामीजी रे नाम री,  झुक झुक करां प्रणाम । प्यारो लागे है सांवरिये रो नाम, माला फेरा हाँ रोज सवेरे शाम ॥ मरुधर रो वीरो कोहिनूर हीरो, चमक्यो देश-प्रदेश। जनम्यो कांटा में रम्यो हो भाटा में, ल्यायो नव उन्मेष ॥१ ॥ प्यारो बरस्यो हो

Bhikshu Swami

Savriya Swamiji Aao Aangne

(लय : पणिहारी).  सांवरिया स्वामीजी ! आओ आंगणै हो,  ध्याऊं थांरो एक ध्यान। अंतर मन रा भगवान,  देव उतारुं थांरी आरती हो भिक्खु स्याम ॥ स्थायी सुधरी री छतरया गावै प्रीत स्यूं हो,  थांरी वीरता रा गीत दृढ़ संकल्प रा संगीत,  पहलो प्रवास शमशान हो ॥१ ॥ अंधेरी ओरी में हुयो च्यानणो हो,  चसग्या ज्ञान

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