Author name: Sunita Dugar

Mata Ji, Mata Mataji

Mandir Se Doudi Chali Aaungii

मंदिर से थोड़ी चली आऊंगी कोई दिल से पुकारे पहला संदेसा मेरे राम का आया , रामा का आया धनुषधारी का आया, सीता का रूप धर आऊंगी कोई दिल से पुकारे…. दूजा संदेसा मेरे विष्णु का आया, विष्णु जी का आया चक्करधारी का आया, लक्ष्मी का रूप धर आऊंगी कोई दिल से पुकारे….. तीजा संदेसा […]

Mata Pita

Tu Kitni Achchi Hai Tu Kitani Bholi Hai

तू कितनी अच्छी है, तू कितनी भोली है. तू कितनी अच्ची है, तू कितनी भोली है,  प्यारी प्यारी है, ओ माँ, ओ माँ, ओ माँ, ओ माँ ।  यह जो दुनिया है, वन है कांटो का,  तू फुलवारी है, ओ माँ, ओ माँ, ओ माँ, ओ माँ ॥ दुखन लागी हैं माँ तेरी अँखियाँ,  मेरे

Mataji

Lekar Maiya Ka Sringar

(लय – दो दिवाने दिल के चले है देखो मिलके)  लेकर मैया का श्रृंगार करती माँ की जय जय कार चलकर आई में आई मैया के दरबार -2 लाल-लाल चोला माँ की लाल-चुन्दरी  माथे की बिदिया लाई हाथों की मुंदरी -2 गलेका लाई नौलख हार,  करती करती माँ माँ की की जय-२   कार-2  चुन चुन

Krishna Ji, Shyam

Vah Shakti Hame Do Daya-Nidhe

प्रार्थना वह शक्ति हमें दो दयानिधे, कर्तव्य मार्ग पर डट जाएँ।  पर सेवा पर उपकार में हम, जग जीवन सफल बना जाएँ ।। हम दीन दुखी निबलों विकलों के सेवक बन संताप हरे। जो हैं अटके भूले भटके, उनको तारें खुद तर जाएँ ।। छल दम्भ द्वेष पाखण्ड झूठ, अन्याय से निशि दिन दूर रहे। 

Krishna Ji, Shyam

O Murali Wale Tu Murali Bajana

(तर्ज – फिरकी वाली) श्याम आराधना  ओ मुरली वाले, तू मुरली बजाना  नही तरसाना  इस मुरली की तान से, तेरी मुरली बजे है बड़ी शान से  मुरली बजायी तूने रास मंडल में राधे के मन भाय गई  संग मे थी जितनी भी सखियां वो दोड़ी -२ आय गयी       हेनंदलाला  मदन गोपाला कैसा जादू

Krishna Ji, Shyam

Radhe Kaun Se Punya Kiye Tune

राधे कौन से पुण्य किए तूने, हरी रोज तेरे घर आते हैं, राधे कौन से पुण्य किए तूने, हरी रोज तेरे घर आते हैं।। राधे जब सोलह श्रृंगार करे, राधे जब सोलह श्रृंगार करे, हरी दर्पण रोज दिखाते हैं, राधे कौन से पुण्य किए तूने, हरी रोज तेरे घर आते हैं…….. राधे जब भोजन तैयार

Krishna Ji, Shyam

Mira Ne Sab Kuch Chhoda

मीरा बाई भजन ( लय-फिरकी वाली तू कल फिर आना) मीरा  ने सब कुछ छोड़ा हरि से नाता जोड़ा,   आराध्य उन्हें मान के, ऐसी लगन लगाई घनश्याम से ज़हर का प्याला राणा जी ने भेजा  पी गई पी गई हाँ हाँ मीरा पी गई ओहो मीरा पी गई अमृत का प्याला मान के  ऐसी लगन

Krishna Ji, Shyam

Ab Saunp Diya Is Jivan Ka

अब सौंप दिया इस जीवन का, सब भार तुम्हारे हाथों में। है जीत तुम्हारे हाथों में, और हार तुम्हारे हाथों में॥ मेरा निश्चय बस एक यही, एक बार तुम्हे पा जाऊं मैं। अर्पण करदूँ दुनिया भर का सब प्यार तुम्हारे हाथों में॥ जो जग में रहूँ तो ऐसे रहूँ, ज्यों जल में कमल का फूल

Swagat Geet

Guruvar Ka Pakr Nagari Me

(लय- आओ बच्चों तुम्हें दिखाएं)  गुरुवर ( सतिवर, मुनिवर) को पाकर नगरी में धरती का  कण-2 महक रहा एक स्वरसे, एक लय से नन्हो का मन चहक रहा हो गुरुवर स्वागतम् गुरु वर स्वागतम्  ① आराध्य तुम्हारे दर्शन करके दशों दिशाएँपुलकित है चरण शरण को पाकर तेरी जन-2 कामन हरषित है।  । जहाँ भीदेखे आज

Guru

He Maha Shraman Yug Nayak (Guru)

हे महाश्रमण युगनायक (लय-जहाँ डाल-2 पर सोने की चिड़िया) जन-2 के मन में व्याप्त तिमिर के तुम हो मुक्ति प्रदायक हे महाश्रमण युगनायक, हे महाश्रमण युगनायक दो महापुरुषो की दिव्य दृष्टि ने तेरा रूप निखारा  जय महाश्रमण जय महाश्रमण जय महाश्रमण जय महाश्रमण  दो महा पुरुषों की दिव्य-दृष्टि ने तेरा रूप निखारा  युग की वलका

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