Mataji

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A Hans Wahini Ma(Sarsvati Vandana)

तर्जःए मेरे दिले नादान सरस्वती वन्दना हे हँस वाहिनी माँ, हम शरण में आये हैं। घर ज्योतिर्मय कर दे, अभिलाषा लाए हैं। तुम वीणा पाणि हो, विद्या और वाणी हो। विज्ञान की हो जननी, जन जन कल्याणी हो। तव चरणों में मैया, हम शीश झुकाए हैं। तेरे कर में पोथी है, तू ज्ञान की ज्योति […]

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Thane Manau Ma Sharde(Sarsvati Vandana)

तर्ज: चिरमी रा डाळा च्यार सरस्वती वन्दना थानें मनाऊँ माँ शारदे, थानें मनाऊँ माँ शारदे। ओ म्हारा घट रा पट दो खोल, जय-जय शारद माँ ।। पूजा हिलमिल म्हें करां, पूजा हिलमिल म्हें करां, ओ थारी घणी रे करां मनवार, जय-जय शारद माँ।। थारी उतारां माँ आरती, थारी उतारां माँ आरती ओ थारें भेंट करूं

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Sarsvati Vandana (3)

1सरस्वती वन्दना माँ सरस्वती तेरे चरणों में, हम शीश झुकाने आयें है। दर्शन की भिक्षा लेने को, दो नयन कटोरे लाए हैं।। अज्ञान अंधेरा दूर करो और, ज्ञान का दीप जला देना। हम ज्ञान की शिक्षा लेने को, माँ द्वार तिहारे आए हैं।। हम अज्ञानी बालक तेरे, अज्ञान दोष को दूर करो। बहती सरिता विद्या

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Lekar Maiya Ka Sringar

(लय – दो दिवाने दिल के चले है देखो मिलके)  लेकर मैया का श्रृंगार करती माँ की जय जय कार चलकर आई में आई मैया के दरबार -2 लाल-लाल चोला माँ की लाल-चुन्दरी  माथे की बिदिया लाई हाथों की मुंदरी -2 गलेका लाई नौलख हार,  करती करती माँ माँ की की जय-२   कार-2  चुन चुन

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Maiya Mujhe Maalum Nahi

देवी गीत ( लय- भगवान तुम्हें मैं खत लिखता) मैया मुझे मालूम नही तुम्हें कैसे सजाया जाता है माथे बिंदिया लगायी जाती है  सिंदूर लगाया जाता है फिर लाल चुनरिया गोट् की तेरे सिर पे औढाई जाती है मैया मुझे मालूम नहीं… एक नथनी पहनाई जाती है और लाली लगायी जाती है फिर लाल चुनरिया

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Kaise Batau Sakhi Tumko Ki Ma Meri

माता रानी का भजन  (लय- सुनो जी तरकारी री बाता) कैसे बताऊ सखी तुमको कि मां मेरी दिखती है कैसी, दिखती है कैसी मैया दिखती है कैसी कैसे बताऊँ… धरती जैसी सहनशीलता, ऊंची है अंबर जैसी  कि मां मेरी दिखती है है कैसी, कैसे बताऊँ…. सूरज जैसा तेज़ समाया, गोरी है चंदा जैसी  कि मां

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Pathar Ki Murat Bol Uthi

(लय- म्हारा हरिया वन रा सुवटिया) पत्थर की मूरत बोल उठी क्या मुझे मनाने आया है तेरे घर में जननी तरस रही क्या तुझे तरस नहीं आया है  पत्थर की मूरत बोल उठी क्या मुझे मनाने आया है घर में तेरी मैया भूखी है क्या उनसे भोजन पूछी है  मुझे भोग लगाने को बेटा तू

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Maiya Teri Mahima Hai Nirali

 (लय-बनो तेरी अंखिया है हजारी) मैया तेरी महिमा है निराली-2  मैया मेरी ऊंचे पर्वत वाली-2  तभी वो कहलाती पहाड़ा वाली-2 मैया तेरी  तेरी जोत जले दिन राती -2.   तभी तो कहलाती जोतावाली मैया तेरी महिमा मैया तेरे काले-2 केश,  तभी तो कहलाती लाटावाली  मैया मेरी सबपे महर जो करतो,  तभी तो कहलाती महरा वाली मैया

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Jab Jab Bhi Inhe Pukara

श्री जगदम्बा वन्दना  (लय- सूरज कब दूर गगन से) जब-जब भी इन्हे पुकारा, माता ने दिया सहारा  ये दूरनहीं है हमसे, बस याद करो इन्हें मनसे  मैया तो हमारी माता है, हम सबका सहारा है। हम से दूर नहीं हैं करती है  रखवाली जिसने किया भरोसा माता ने डोर सम्भाली जो इनके पाँव पकड़ले, ये

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Ma Sarsvati Mujh Par( Sarsvati Vandana)

(लय- होठो ले छूलो) मां सरस्वती मुझ पर तुम इतनी कृपा करदो मां सरस्वती मुझ पर तुम इतनी कृपा करदो  मेरा गीत बने सुन्दर, मुझको ऐसा वर दो तेरे चरणो के सिवा माँ मै कहा जाऊ  तेरी जो कृपा हो माँ, मैं मीठे भजन गाऊं  जीवों को सुर देंकर, गीतों को अमर कर दो  में

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