He Vitrag Bhawa Paar Karo
(लय : महावीर मुझे ज्योतित करदो…) * वीतराग ! भव पार करो हे वीतराग ! भव पार करो । कण-कण में समता भाव भरो ।। १. श्री ऋषभ, अजित, संभव स्वामी, है अभिनन्दन अन्तर्यामी । जिन सुमति, पद्म, सुपार्श्व स्मरो, हे वीतराग। भव पार करो ।। २. श्री चन्द्र, सुविधि, शीतल सुखकर, श्रेयांस, वासुजिन, विमल […]