Author name: Sunita Dugar

Jain Bhajan

He Vitrag Bhawa Paar Karo

(लय : महावीर मुझे ज्योतित करदो…) * वीतराग ! भव पार करो हे वीतराग ! भव पार करो । कण-कण में समता भाव भरो ।। १. श्री ऋषभ, अजित, संभव स्वामी, है अभिनन्दन अन्तर्यामी । जिन सुमति, पद्म, सुपार्श्व स्मरो,  हे वीतराग। भव पार करो ।। २. श्री चन्द्र, सुविधि, शीतल सुखकर, श्रेयांस, वासुजिन, विमल […]

Jain Bhajan

Tirthankar Chobis Nit Uth Dhyan Dharu Ji Dhyan Dharu

मंगल स्तुति (लय : चांद चढ्यो गिगनार) तीर्थंकर चौबीस तीर्थंकर चौबीस नित उठ ध्यान धरूं जी, ध्यान धरूं । मंगलमय जगदीश, महिमा गान करूं जी, गान करूं ।। १. रिषभ, अजित भगवान संभव सुखकारी जी, सुखकारी । अभिनंदन जग त्राण, सुमति जयकारी जी, जयकारी ।। २. पद्म सुपारसनाथ, चंदन चंद्रप्रभु जी, चंद्र प्रभु । सुविधि,

Hanuman Ji, Ram

Teri Mand Mand Muskaniya Pe Balihar Raghav Ji

राम भजन लिरिक्स तेरी मंद मंद मुस्कनिया पे पे बलिहार राधव जी  तेरी मंद मंद मुस्कनिया पे बलिहार राघव जी || 1-तेरे बाल बड़े घुंघराले बादल जो कारे कारे  तेरे पांव की पैजनियां से बलिहार राघव जी  तेरी मंद मंद मुस्कनिया पे बलिहार राघव जी 2-तेरी चाल अजब मतवाली लगती है प्यारी प्यारी  तेरे पायल

Bhachya, Jain Bhajan

Chandan Bala

चन्दनवाला की ढाल (लय : जिया बेकरार है..) जिया बेकरार है, हृदय की पुकार है। आ जाओ महावीर प्रभु, तेरा इंतजार है।। ध्रुव ।। राजकन्या है दधिवाहन की, महलो की मतिहारी हो।  तीन दिवस से पड़ी अकेली, कर्मों की गति भारी हो।  कोई न पूछनहार है, नहीं किसी से  प्यार है ।।१ ।।  हाथ पांव

Mata Ji

Badi Aas Lagakar Aaye Hai Tere Dwar Maiya Ji

(लय- तेरी मंद मंद मुस्कनिया पे बलिहार)   बड़ी आस लगाकर आये है तेरे द्वार मैयाजी-2  विनती अपने भक्तो की करो स्वीकार मैयाजी बड़ी आस लगाकर आये हैं तेरे दरबार मैयाजी तेरे बालक भोले भाले, तेरी भक्ति में मतवाले -2 पैदल चलकर के आये है ,तेरे द्वार मैया जी2 हे माँ ममता दिखलाओ, अब तो

Swagat Geet

Manki Veena Se Gunjit Dhavni Mangalam

स्वागत – गीत मन की वीणा से गुंजित ध्वनि मंगलम्  मन की वीणा से गुंजित ध्वनि मंगलम् स्वागतम् स्वागतम् स्वागतम् स्वागतम् – 2 स्वागतम् स्वागतम् स्वागतम् स्वागतम् – २ कैसा पावन सुहावन समय आज है  आप आये अतिथियों में सरताज है  कैसा पावन सुहावन समय आज है  आप आये अतिथियों में सरताज है  देव की

Hanuman Ji, Ram

Dharti Ke Kan Kan Me Hanuman Najar Aaue

(लय- होटों से छूलो तुम) हनुमान भजन धरती के कण कण में, हनुमान नज़र आए  हनुमान नजर आए, भगवान नजर आए 1. रावण ने हरी सीता, प्रभु वन वन भटके थे  लंका को जलाने में, हनुमान नज़र आए २. जब शक्ति लगी लक्ष्मण, प्रभु सोच में बैठे थे  संजीवनी बूटी में, हनुमान नज़र आए 3.

Mehandi

Mehandi Laga Ke Rakhana

मेहँदी लगा के रखना, डोली सजा के रखना मेहँदी लगा के रखना, डोली सजा के रखना लेने तुझे ओ गोरी, आएँगे तेरे सजना मेहँदी लगा के रखना, डोली सजा के रखना ओहो ओहो ओ ओ आ.. सहरा सजा के रखना, चेहरा छुपा के रखना सहरा सजा के रखना, चेहरा छुपा के रखना ये दिल की

Adinath

Mere Aadi Nath Tumko Lakho Pranam

लय- (सांवरे की बंशी पुकारे राधा नाम) मेरे आदिनाथ तुमको लाखों प्रणाम  जपू बार -2 तेरा सुखदायी नाम  मेरे आदीनाथ को भजने से काम -2 जपू बार-2 तेरा सुखदायी नाम -2  हो हों हो चैत बदी, नवमी को जन्म लिया तुमने। माता मरू देवी को धन्य किया तुमने   नाभि राय राजा जी पिता का

Mataji

Kaise Batau Sakhi Tumko Ki Ma Meri

माता रानी का भजन  (लय- सुनो जी तरकारी री बाता) कैसे बताऊ सखी तुमको कि मां मेरी दिखती है कैसी, दिखती है कैसी मैया दिखती है कैसी कैसे बताऊँ… धरती जैसी सहनशीलता, ऊंची है अंबर जैसी  कि मां मेरी दिखती है है कैसी, कैसे बताऊँ…. सूरज जैसा तेज़ समाया, गोरी है चंदा जैसी  कि मां

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