Bhikshu Swami Antaryami
आपरो आसरो है लय : मिलो न तुम तो भिक्षु स्वामी! अन्तर्यामी! करद्यो बेड़ा पार । आपरो आसरो है, केन्द्र विश्वास रो है ॥ १. कालैजै री कोर म्हारै, मन में रम्यो है थांरो नाम ओ, सब कुछ अर्पण थारै, थे ही म्हांरा राम घनश्याम हो। पलक विछावां, दर्शण चावां, खोलो अन्तर द्वार ॥ २. […]