Payo Pad Jinraj No(Anant Prabhu)
14 अनन्त प्रभु स्तवन पायो पद जिनराज नौं सुध ध्यान निर्मल ध्याय भलां जी कांई ॥ 1. अनंत नाम-जिन चवदमां रे, द्रव्य चौथे गुणठाण। भावे जिन हुवै तेरमे रे, इतलै द्रव्य जिन जाण ॥ 2. जिन चक्री सुर जुगलिया रे, वासुदेव बलदेव । पंचम गुण पावै नहीं रे, ए रीत अनादि स्वमेव ॥ 3. संजम […]