Dance

Dance, Geet, Marwari Lokgeet, Rajasthani

Chhoti Nanduli Ko Byav Krade Rasiya

 छोटी ननदुली को ब्याव  छोटी नंदुली को ब्याव करादे रसिया या नंदुली तो महासे आडि  टेडी चाले -२  दिन उगता ही महासू पिसनो पिसावे-२  कोई गाया कोदूध दुहावे  रसिया—-   महासू तो सारे  घरको पाणीड़ो भरवावे -२ म्हारी पतली कमर लुल जावे रसिया — भरी दोपहरी महासू रोटियां बणवावे-२  ,  गौरा हाथ म छाला पड़ जावे […]

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Khadi Neem Ke Niche Me To Ekali

 खड़ी नीम के नीचे म तो एकली जातोडो बटाऊ म्हाने ओले छाने देखली, छाने छाने देख ली-२  किसे देश सु आयो भंवर जी किसे देश थे जाओला -२  कुंणा  सा रा कँवर लाडला साच्ची बात बताओला  मै थाने पुछु खड़ी कँवर जी एकली ,जातोडो बटाऊ म्हाने ——- परदेसी बलम रसिया म जोउ थारी बाटड़ली -2

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Pallo Latake Re Mharo

 पल्लो लटके  पल्लो लटके गौरी रो पल्लो लटके -२  जरा सो -३  ऊं-चो लेले गौरी पल्लो भीग जावेलो -२   लाल मंगायो पोमचो जी हरी लगायी कोर  अंगिया रेशम की बनी देदी दादर पे मोर  जरासो जरासो-२  टेढ़ो होजा बालमा म्हारो पल्लो लटके  पल्लो लटके गौरी रो पल्लो लटके  घूँघट म बिजल्या चमकावे गौरी थारी आँख

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Bhabhi Thaare Ghunghtiye Par Mor Bole

 भाभी थारे घुंघटीये पर मोर बोले  भाभी थारे  घुंघटीये पर मोर बोले -२ अरे ना ना नणदल बाईसा थारो वीर डोले -४  भाभी थारे काना करणफूल बोले -२  अरे न ननणदल बाईसा थारो वीर झूलें -२  भाभी थारे गलपटिये में हीरा चमके -२  अरे ना ना नणदल बाईसा थारो वीर दमके-४  महला जाता भाभी तेरी

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Poorab Ki Naukari Ji

 पूरब कीनौकरी जी  पूरब की नौकरी जी मेरो परदेसी घर आये -२  धायी थारी नौकरी जी मेरो घणो ही कमाऊ घर आये -२  पूरब की नौकरी जी —- चांदा थारे चाँदने जी कोई छत पर घाली खाट -२  गया न राजन बावडयो जि कोई रातू जोई बाट  पूरब की नौकरी जी——– मेँ म्हारी माँ क

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Chhup Jayi Re Chanda Badal Me

 छुप जाई रे चंदा बा दल में  छुप जाई रे चंदा बादल में -२ पिया की नजर मेर काजल में -२  थोड़ी नेड, नेड आज्या गौरी फागण में मेरी रे निजर तेर काजल में  या चुनड़ी तो मेर पियरीय सु ल्यायी -२ कोई रंग देई रसियो फागण में  पिया की नजर —– चुनड़ी मंगा दू

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Umrav Thari Boli Mithi Lage Mhara Raj

उमराव थारी बोली मीठी लागे  उमराव थारी बोली मीठी लागे म्हारा राज, उमराव जी ,ओ जी उमराव आप झरोखे बैठता अलबेला सिरदार ,हाजर रेहसि गोरडी कर सोळा सिणगार   होजी ओ सरकार थारी सूरत प्यारी लागे म्हारा राज, उमराव जी, ओ म्हारा राज– पिया गया परदेस म,नैणा टपके नीर , ओल्यू आवै पीव की जिवडो धरे

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Pachhi Jaba De

 पाछी जाबा दे  पाछी जाबा दे म्हारे पीहर री सेनाणी ल्याबा दे -२  हाथ रा हथफूल म्रहारा  टेवटड़ी रहग्या रे -२  मोत्या वाला हार भी पीहर म रह्ग्यो ‘रे पाछी जाबा दे हाथा रा हाथ फूल थारे और घडास्या ए -२  थारे बिना घडी एक मन न लागे ए, कोनी जाबण दा  साटन वाला लेहंगो

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Ghadlo Thham Le Devriya

GHADLO THHAM LE DEVRIYA  घड़लो थाम ले देवरिया कमर बल खाय ,  नीम की निमोली महार अंग अड़ जाय,  अंग अड़ जाय देवरिया घड़लो पड़ जाय  नीमकी डाली से म्हारी दो घड अड़ जाय  मेँ तने बरजु देवर लाम्बी मतना लाजे -२  कोई आवे रंग -२  महल खुटो सो ऱूप जाय — कोई देवरियो उतार

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Mhare Hiwade Ro Haar

 महार हिवड़े रो हार  महार हिवड़े रो हार टूटे ओ राज छोड़ो म्हारी बंया -२  मोत्या री लड़ लड़ टूटी हो राज छोडो म्हारी बंया। ओ बादिला केणो मानो राज —– एक डर है म्हारी सास नणद हो हो हो रसोया म झाला देव ओ  राज ,छोडो —— इक  डर है म्हारी देराणी जेठानी को

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