Gajanan

Gajanan, Ganesh Ji, Ganpati

He Gouri Sut Balkari The Arji Suno Hamari

तर्ज : सूरज कब दूर गगन से…… हे गौरी सुत बलकारी, थे अर्जी सुनो हमारी, उत्सव में आज पधारो, थे सारा काज संवारो, आओजी….. बिनायक आ ज्यावो, भजनो में थे रम ज्यावो ।। है कीर्तन की तैयारी, म्हे जोवां बाट तिहारी, कर मूसे की असवारी, आ ज्यावो हे शुभकारी, थे रणत भवन स्यूं आओ, खुशियां […]

Gajanan, Ganesh Ji, Ganpati

Aao Aao Ji Padharo Ganraj

● आओ आओ जी पधारो गणराज (तर्ज- आ लौट के………) आओ आओ जी पधारो गणराज, भगत थाने आज बुलावे जी, थांरी बाट अडीकां महाराज, भगत– सब स्यू पहला थाने बुलावा, कारज सिद्ध कराओ, शेरावाली रो उत्सव मांडयो, आकर सफल बनाओं, रिद्धि सिद्धि ने-2, सागै ल्याओ आज, भगत— मुसे की करके थे असवारी, बेगा आप पधारो,

Gajanan, Ganesh Ji, Ganpati

Gajanand Sarkar Padharo Kirtan Ki Sab Tyari Hai

गजानन्द सरकार पधारो (तर्ज : फूल तुम्हें भेजा है……..) गजानन्द सरकार पधारो, कीर्तन की सब त्यारी है, आओ आओ, बेगा आओ, चाव दरश को भारी है ।। थे आवो जद काम बणेला, थां पर सारी बाजी है, रणत भंवरगढ़ वाला सुणल्यो, चिन्ता म्हाने लागी है, देर करो मत, ना तरसाओ, चरणां अर्ज हमारी है ।।1।।

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Jai Ganesh Aarti

जय गणेश जय गणेश जय गणेश देवा। माता जाकी पार्वती पिता महादेवा ।।-२ पान  चढ़े, फूल चढ़े और चढ़े मेवा। लडुवन का भोग लगे संत करे सेवा ।। (दीप चढ़े, धूप चढ़े और चढ़े मेवा) एक दन्त दयावन्त चार भुजा धारी । मस्तक सिन्दूर सोहे मूषक की सवारी।। जय गणेश ,जय गणेश — अन्धन को

Gajanan, Ganesh Ji, Ganpati, Shadi-Vivah

Utsav Rachyo Hai Mhare Aangane

गणेश वंदना    ( लय-वारि जाऊं चिरमी ने ) उत्सव रच्यो है मारे आंगणे,-2 थे आई ज्यों गौरी का लाल,कारज म्हारा सफल करो। फुलडा री माला म्हे लाया विनायक, थे स्वीकारो गणराज कारज म्हारा सफल करो । रिद्धि-सिद्धि न साग ल्यावजो-2 ,अन् धन्न से भरो भंडार, कारज महारा सफल करो  सोने री थाली में मोदक

Gajanan, Ganesh Ji, Ganpati, Shadi, Vinayak, Vivah Geet

Gadh Ranat Bhanvar Su Aaiya O Baba Dundhala,

गढ रणत भंवर सू आईआ ओ बाबा दुन्दाला- 2 कोई ले रिद्धि सिद्धि न साथ, रिद्धि सिद्धि करो विनायक दुन्दाला चन्दन चौकी  बैठणा ओ बाबा दुन्दाला-2 कोई दूध पखारु पांव, म्हार घर आवो विनायक दुन्दाला -2 रणत भंवर सू आईआ ओ बाबा दुन्दाला-2  चावल रांधा उजला ओ बाबा दुन्दाला-2  कोई हरिय मूंगा री दाल रिद्धि

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Sund Sundala Dund Dundala

  सूंड सुंडाला,दुंद दुदांला मस्तक मोटा कांन , गणपति देव बड़ा बलवान -2   करता हूं गुणगान में तेरा देवो मुझको ज्ञान , गणपति देव बड़े बलवान- गणपति देव बड़े बलवान   जो गणपति जी को प्रथम मना ता,  उसका सारा दुख मिट जाता , रिद्धि सिद्धि सुख संपति पाता ,भव से बेड़ा पार उतरता, नैया मेरी पार

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Sabse Pratham Manava Thane Deva Ra Sardar

गणेश वंदना   ( लय- सावन का महीना) सबसे प्रथम मनावा थाने देवा रा सरदार।  रणतभंवर सूआप पधारो हो रही जय जय कार , शंकर सुत थाने दुनिया है ध्यावे , गिरिजा भवानी थाने लाड लडावे  थे मूसे चढ़ कर आओ थारी खूब करा मनुहार  रणत भंवर से आप पधारो हो रही जय जय कार ,

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Mhara Pyara Re Gajanand Aaijyo

महारा प्यारा रे गजानंद आई जो थे रिद्धि सिद्धि सागै लाई ज्यो जी ।। महारा प्यारा रे गजानंद आई जो।।  थाने सबसे पहले मनावा ,लड्डू वन को भोग लगावा,थे मूसे चढ़करआई ज्यौजी, महारा प्यारा रे गजानंद आईज्यौ , मां पार्वती का प्यारा शिव शंकर लाल दुलारा, थे बांध पागड़ी आईज्यौ जी, महारा प्यारा रे गजानंद

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Ganesh Ji Ke Prabhavak Mantra

गणेश जी के 5 महामंत्र (वंदना) 1- वक्रतुण्ड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभ। निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा॥   अर्थ – घुमावदार सूंड वाले, विशाल शरीर काय, करोड़ सूर्य के समान महान प्रतिभाशाली। मेरे प्रभु, हमेशा मेरे सारे कार्य बिना विघ्न के पूरे करें (करने की कृपा करें)॥   2- विघ्नेश्वराय वरदाय सुरप्रियाय लम्बोदराय सकलाय जगद्धितायं। नागाननाथ श्रुतियज्ञविभूषिताय गौरीसुताय

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