Vinayak Ji Geet
(तर्ज : बाईसा रा बीरा जयपुर …) बिनायक म्हार आंगणे बिराजो जी ब्याव रो सारो थे कारज सारो जी । ऊंचो तो थान आसन देवां जी, सगला स्यु पेली म्हे थान मनावा जी (१) (२) रिद्धि सिद्धि र साग बेगा पधारो जी, रोली और मोली स्यू म्हे थान मनावांजी (३) फूला स्यूं थारी झांकी सजावां […]