Badhao-3 (Bhanchya)
बधावो-३ पांच बधावा म्हारै उमट आया। आया ओ ज्ञान, दर्शन चारित्र निर्मलाजी, पहले बधावै म्हानै ज्ञान सुवावै, सुवावै ओ ज्ञानी साधां री सेवा म्हे करांजी ।।१।। दूजै बधावै म्हानै तप सुवावै, सुवावे ओ तपसी साधां री सेवा म्हे करांजी ।।२।। अगणे बधावै म्हानै खीम्या सुवावै, सुवावै ओ खीम्या साधाँरी सेवा म्हे करांजी।।३।। चौथे बधावै म्हानै […]