यह जैन तपस्या और अनुमोदना के अवसरों पर गाया जाने वाला आध्यात्मिक गीत है। A spiritual song for Jain Tapasya and Anumodana.
तर्ज (Tune): सावन का महीना
भजन के बोल / Lyrics
जैन श्रमण की दीक्षा लेने वैरागी तैयार ।
संयम के जीवन पर चलना है खांडे की धार ।।
कदम-दर-कदम सावधान बन चलना हे।,
पल-३ ज्योतिर्मय दीपक बन जलना है
समयं गोयम मा पमायए मंत्र बने साकार
सरलनही है संयम पालन करना
महानदी गंगा को बाहो में तरना
निरति चार आचार और नवकल्पी कठिनविहार
सफल वही संन्यास साधना मुंह बोले
मिटे वासना अन्तर की गान्ठे खोले
प्रज्ञा शील समाधि द्वारा कनक आत्म उद्धार