Jiski Aaj Jarurat Usne
(लय : मन्दिर, मस्जिद, गिरजाघर…) जिसकी आज जरूरत उसने क्यों पहले अवतार लिया ? मंद चांदनी चंदा की क्यों सूरज को उपहार दिया ? जिसकी आज १. तुम आये तब इस धरती ने अपना रूप संवारा था, मनुज-एकता की वाणी से उसको मिला सहारा था, मानव अपना भाग्य विधाता पौरुष को आभार दिया। जिसकी आज […]