Mata Ji

Maiya Navratro Mai

(तर्ज : बाबुल का ये घर….) मैय्या नवरात्रों में, जब धरती पे आती है, किस को क्या देना है, यह सोच के आती हैं ।। पहले नवरात्रे में, माँ सबकी खबर लेती, दूजे नवरात्रे में, अपने खाते में लिख लेती, तीजे नवरात्रे में 2, बात आगे बढ़ाती है ।। चोथे नवरात्रे में, माँ आसन लगाती […]

Mata Ji

Sanchal Nam Ki Jyoti Jagava

(तर्ज : सिरियारो री सन्त) सांचल नाम की ज्योत जगावां, हिलमिल मां का मंगल गावां थांरे मंगल कारी नाम से मां दुखड़ा भागे, म्हानै मां सांचल रो नाम प्यारो प्यारो लागे 2 दुष्ट दलन कर मैया थे तो, भक्ताने उबारा जी महिषासुर को मर्दन किन्यो मधुकेटव संहारा जी देवाा बोले है जयकारा, ऋषि मुनि ध्यान

Mata Ji

Aaya Hu Sharan Me Teri

(तर्ज : करती हूँ तुम्हारा व्रत मैं) आया हूँ शरण में तेरी, उपकार करो माँ, करूणा की सागर हो मेरा, उद्धार करो माँ बेड़ा पार करो माँ हे ! संच्चिया माता, है! ओसियां वाली ।। तुमने ना जाने कितनों की, बिगड़ी संवार दी, विनती सुनी है उसकी, माँ जिसने पुकार दी, मै भी हूँ बालक

Balaji, Hanuman Ji

Kirtan Ki Hai Rat (Balaji Bhajan)

(तर्ज : एक तेरा साथ हमको) कीर्तन की है रात बाबा, आज थाने आणो है थाने वादो यो निभाणो है, कीर्तन की है रात…… दरबार बाबा, ऐसो सज्यो प्यारो, दयालू आपको। सेवा में ओ बाबा, सगला खड़या डीकै, हुक्म बस आपको।। सेवा में थारी-2, म्हाने आज बिछ जाणो है, थाने वादो यो निभाणो है. कीर्तन

Holi

Pachrang Fagniyo

पचरंग फागणियो रङ्गादे होली खेलन ने  पचरंग फागणियों -2 -पहलो तो रंग म्हारा सुसरोजी न्यारा २  लाड लडायो म्हानै बाबुल को रे, पचरंग फागणियो– दूसरो तो रंग म्हारा सासुजी प्यारा-2 ,याद भुलायी म्हान मायड़ री , पचरंग फागणियो–  तीसरो तो रंग म्हारो देवर प्यारो , काजलियो रे ,म्हारे नेणारो, पचरंग फागणियो–   चौथो तो रंग म्हारो

Gangor, Gor

Gaura Aai Re

 गौरा आई रे, आंगणिये म्हांरे खुशीयाँ छाई रे* गौरा आई रे गौरा आई रे, पिहरीय में तो बांटू बधाई रे* गौरा आईं रे…. चैत रै महिने सखियाँ, मंगल गीत गावे रे* पीहरीये मे सोलह दिन, थांरा लाड लडावे रे* गौरा आई रे….* भौली भाली प्यारी सूरत, देख हियो हर्षावे रे* कर सोलह सिणगार आई, मनङो

Gangor, Gangour, Gor

Anganiya Khushiya Chaai – Gangour

तर्ज- उडे जब जब जुलफे तेरी आंगणिय खुसियाँ छाई,  घर घर में बंटै बधाई  कि म्हार घर आई गणगौर  कि म्हार घर आई गणगौर, सज धज कै थान ठंडो नीर पीलावां,  घणी हरी हरी दुब चढावां कि सोलह दिन खूब करां  कि सोलह दिन खूब करां,  थांरी जय जय आंगणिय खुशीयाँ ……. सुहागण मंगल गावै, 

Gangor, Gangour, Gor

Gor Gor Gomti Gangour

   गोर गोर गोमती , गणगौर गीत / राजस्थानी gour gour gomati गोर गोर गोमती, इसर पूजे पार्वती म्हे पूजा आला गिला, गोर का सोना का टिका म्हारे है कंकू का टिका टिका दे टमका दे ,राजा रानी बरत करे करता करता आस आयो, मास आयो छटो छ: मास आयो, खेरो खंडो लाडू लायो लाडू

Dance, Geet, Marwari Lokgeet, Rajasthani

Baisa Ra Beera – Tara Ri Chundi

 तारा री चुंदरी / राजस्थानी बई-सा रा बीरा, जयपुर जाजो जी आता तो लाइ जो, तारा री चुंदरी… सुन्दर गौरी कुणसा र देखी हो  कुणासा लाया तारा री चुनड़ी  बाईसा रा बीरा भाभी सा रे देखी हो  जेठसा लाया तारा री चुनड़ी  सुन्दर गौरी, पोत बतावो जी कसिक ल्यावा, तारा री चुंदरी… बई-सा रा बीरा,

Dance, Geet, Marwari Lokgeet, Rajasthani

Ek Bar Aaoji Jawaiji Pawna

   एक बार आओजी जवाईजी पावणा / राजस्थानी एक बार आओजी जवाईजी पावणा थाने सासूजी बुलावे घर आज जवाई लाड्कना सासूजी ने मालुम होवे म्हारे भाई आज होयो म्हारे घरे से मौक्ळो काम सासूजी मने माफ़ करो… एक बार आओजी जवाईजी पावणा… थाने सुसराजी बुलावे घर आज जवाई लाड्कना सुसराजी ने मालूम होवे बाप म्हारो

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