Balaji

Balaji, Hanuman Ji

Na Swar Hai Na Sargam Hai

(तर्ज : ए मेरे दिले नादान) ना स्वर है, ना सरगम है, ना लय ना तराना है। हनुमत के चरणों में, एक फूल चढ़ाना है।। तुम बाल समय में प्रभु, सूरज को निगल डाले, अभिमानी सुरपति के, सब दर्द मसल डाले, बजरंग हुए तब से, संसार ने जाना है ।।1।। सब दुर्ग ढ़हा करके, लंका […]

Balaji, Hanuman Ji

O Pawan Putra Hanuman

(तर्ज : होठों से छू लो तुम…..) ओ पवन पुत्र हनुमान, तुम जल्दी आ जाना। जब जब भी भीड़ पड़े, तुम संकट हर लेना।। तुम राम नाम दीवाने, सीने में प्रभु को रखते, सीता की खबर लगाने, तुम लंका जा पहुंचे, लंका को जलाकर के, रावण को चकित किया।।1।। जब शक्ति बाण लगा, रघुवर भी

Balaji, Hanuman Ji, Ram

Duniya Chale Na Shriram Ke Bina

दुनिया चले ना श्री राम दुनिया चले ना श्री राम के बिना, राम जी चले ना हनुमान के बिना ।। जब से रामायण पढ़ ली है, एक बात मैनें समझ ली है, रावण मरे ना श्री राम के बिना, लंका जले ना, हनुमान के बिना।। दुनियां…… लक्ष्मण का बचना मुश्किल था, कौन बूंटी लाने के

Balaji, Hanuman Ji

Aaj Mangalwar Hai

आज मंगलवार है महावीर का वार है  सच्चे मन से ध्यान लगाये उसका बेड़ा पार है  चैत सुदी पूनम को जन्मे मंगल वार को जाये हो-2 भक्त तेरी शरणागत आया ,अंजना लाड़ लड़ाये हो-2 शंकर के अवतार है, बालाजी का वार है,  मेघनाद ने शक्ति चलाई, रामादल में आई हो -2 लक्षमणजी के लगी कलेजे

Balaji, Hanuman Ji

Kirtan Ki Hai Rat (Balaji Bhajan)

(तर्ज : एक तेरा साथ हमको) कीर्तन की है रात बाबा, आज थाने आणो है थाने वादो यो निभाणो है, कीर्तन की है रात…… दरबार बाबा, ऐसो सज्यो प्यारो, दयालू आपको। सेवा में ओ बाबा, सगला खड़या डीकै, हुक्म बस आपको।। सेवा में थारी-2, म्हाने आज बिछ जाणो है, थाने वादो यो निभाणो है. कीर्तन

Balaji, Hanuman Ji, Ram

Ram Shiya Ram Japle

(लय – और रंग दे रे ,)नीलघर (मारवाड़ी गीत) राम जपले रे सियाराम जपले रे – 2 म्हारा बालाजी ने दाय घणो आव रे, राम सिया राम जपले-३ थोड़ो नहीं तो बेशुमार जपले-2 बिगड्‌या बिन, काम बणजावे रे, रामसियाराम जपले मिश्री सो मीठो लागे स्वाद चखले -2 संकट में यो काम घणो आवेरे, राम ‌सियाराम

Balaji, Hanuman Ji

Lal Langoto Hath Me Ghoto,

लाल लंगोटो हाथ में घोटो, “थारी जय हो’- पवन कुमार। वारी जाऊ बालाजी।। सालासर थारों देवरो, थारे नोबत बाजे द्वार, वारी जाऊ.. चैत सुदी पूनम को मेलो, थारे आवे भगत अपार, वारी जाऊ. गढ़ झोड़ा की जात झडुला, देवे लाखों ही नर नार, वारी जाऊ… ध्वजा नारियल चढ़े चूरमों, कोई सिर पर छत्र हजार, वारी

Balaji, Hanuman Ji

Thali Bharkar Lyayo Churmo,

(तर्ज थाली भर कर….) थाली भरकर ल्यायो चूरमो, ऊपर खीर को बाटको, जीमो म्हारा बालासा, भर ल्यायो पाणी माटको ।। कारज म्हारा सिद्ध होया जद, सालासर मैं आया जी, भाई बन्धु सगा सम्बन्धी सब नै, सागै ल्याया जी, दूर देश का आया जातरी, आयो बेटो जाट को ।। 1 ।। न्सालासर को पाचक पाणी, सब

Balaji, Hanuman Ji

Lagyo Lakshman Ji Ke Ban,

लाग्यो लक्ष्मणजी के बाण (तर्ज: धरती धोरां री….) लाग्यो लक्ष्मणजी के बाण, थांने जाणो जरूरी काम, कहवै हनुमान स्यूं राम, सुणले बजरंगी ।। पहली खोई बन में नारी, अब तो जातो दीखे भाई. म्हां पर या कोई विपदा आई, सुणले बजरंगी ।। 1 ।। द्रोणांगिरि पर बेल बतावे, बा संजीवन नाम कहावे, ल्यायां लक्ष्मणजी बच

Balaji, Hanuman Ji

Bhakto Ke Man Me Bas Gayo Re H

(तर्ज : भक्तों को दर्शन) भक्तों के मन में बस गयो रे, ओ अंजनी को लालो, राम की सेवा पा गया रे, ओ अंजनी को लालो ।। बाल समय रवि मुख में दबायो, अदभुत शक्ति रो रूप दिखायो, जग में नाम कमा लियो रे ।। 1 ।। मात सीया की सुध ले आयो, सोने की

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